गोवा में बिक रहे गौमांस व राष्ट्रगान को लेकर शिवसेना ने बीजेपी पर साधा निशाना

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जब से केन्द्र में मोदी सरकार बनी है तब से ही गौमांस, गौरक्षक व गौतस्कर का मामला काफी उछाल में देखा जा रहा है। पिछले कुछ समय से गाय को लेकर देश में नीची स्तर की राजनीति की जा रही है। बीफ को लेकर भी भारत में कई बार बवाल मच चुका है। विशेष धर्म के लोगों को कथित गौरक्षक अपना निशाना बनाते हुए जान ले रहे है। क्या आपको पता है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार की भाषा में बीफ शब्द का इस्तेमाल भैंस और बैल के मांस के लिए किया जाता है।

भारत में कई राज्यों में बीफ को लेकर कानून बने हुए है। कुछ राज्यों में बीफ को कानूनी तौर पर प्रतिबंधित कर रखा है तो कुछ राज्यों में बीफ खाने को लेकर समर्थित कानून बना हुआ है। अगर गोवा की बात की जाए तो वहां पर गौमांस की बिक्री व सेवन करना सबसे ज्यादा होता है।
गोवा में गौरक्षकों को बिक रहे गौमांस यानी बीफ पर राजनीति तेज हो गई है। शिवसेना ने अब एक बयान जारी करते हुए गौरक्षकों पर सवाल उठाया है।

बीजेपी पर निशाना साधते हुए शिवसेना ने कहा है कि गोवा में बीजेपी की सरकार है। लेकिन उसके बावजूद भी वहां पर बीफ को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं है। देश के विभिन्न राज्यों में तो कथित गौरक्षकों द्वारा गौमांस पर विरोध-प्रदर्शन किया जाता है। लेकिन खुद गोवा में ही बीफ का जमकर उपयोग किया जाता है।


शिवसेना ने बीजेपी व आरएसएस से राष्ट्रगान व गौरक्षा को लेकर रूख स्पष्ट करने को कहा है। गौरक्षा के मुद्दे पर शिवसेना ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा है कि भाजपा के अनुसार जो लोग गायों की रक्षा करते है वो राष्ट्रवादी है और जो लोग बीफ खाते है वो देशद्रोही है। लेकिन बीजेपी शासित राज्य गोवा में बीफ पर कोई प्रतिबंध तक नहीं है।

खुद गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा था कि अगर राज्य मे बीफ के आयात पर कोई कानूनी बाधा उत्पन्न करेगा तो वे उससे निपट लेंगे। सीएम मनोहर पर्रिकर ने कहा कि कानूनी रूप से बीफ के आयात में रूकावट देने वाले लोगों को दंडित करना मैं सुनिश्चित करूंगा। वहीं राष्ट्रगान के मुद्दे पर भी शिवसेना ने बीजेपी पर निशाना साधा है।

शिवसेना ने कहा कि मोदी सरकार के मुताबिक राष्ट्रगान व वंदेमातरम गाने वाला इंसान तो राष्ट्रवादी है जबकि ऐसा नहीं करने वाले लोग देशद्रोही है। शिवसेना ने कहा कि बीजेपी हर बार राष्ट्रवाद की परिभाषा बदलने में लग रही है। खुद सुप्रीम कोर्ट ने भी बीजेपी के इस फैसले को गलत साबित किया है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सिनेमा हॉल में राष्ट्रगान गाना अनिवार्य नहीं है।


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