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हिन्दू लड़के के पेट से निकले इतने सिक्के की डोक्टर भी हुए हैरान, जानिये पूरा मामला

दुनिया में कई ऐसे अजीबो गरीब बीमारियां होती है जिसके बारें में आम इंसान सोचता भी नहीं है। कुछ ऐसी बीमारियां होती है जिनको देखने के बाद डॉक्टरों भी उन बीमारियों के सामने हार मान जाते है। आपको बता दें कि कुछ बीमारियों का इलाज नहीं होता है। वहीं ऐसी बीमारियां एक प्रकार की महामारी को दस्तक देती है। इन बीमारियों के इलाज ना मिलने के कारण ये अन्य लोगों में फैलती है और एक विकराल रुप ले लेती है।

इबोला

अभी कुछ समय पहले एक बीमारी ने पूरी दुनिया को झनझोर के रख दिया था वो बीमारी थी इबोला। इबोला एक ऐसी बीमारी थी जिसने देखते ही देखते महा मारी का रुप धारण कर लिया था। आपको बता दें कि इस समय भी इबोला बहुत ही गंभीर बीमारी में आती है। इस बीमारी में शरीर की नसों से खून बाहर आना शुरु हो जाता है। जिससे अंदरूनी रक्तस्त्राव शुरु हो जाता है।

यह एक खतरनाक बीमारी है। आपको जानकर हैरानी होगी इस बीमारी से इंसान के बचने की बहुत ही कम समभावना होती है। अगर कोई व्यक्ति इस बीमारी से पीड़ित है तो उस व्यक्ति के 90 प्रतिशत मरने की उम्मीद होती है। वहीं अभी तक दुनिया के वैज्ञानिक इस बीमारी का हल नहीं खोज पाए है।

इस बीमारी की शुरुआत इबोला नदी के पास से शुरु हुई थी तबी इस बीमारी का नाम इबोला रखा गया था। इस बीमारी को अब तक सबसे खतरनाक बीमारियों से एक माना जाता है। इस बीमारी का अभी तक कोई भी डॉक्टर इलाज नहीं खोज पाया है। इस बीमारी से मरने वाली लोगों की सख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। लेकिन आज हम दुनिया की सबसे खतरनाक बीमारी इबोला के बारें में आपको नहीं बता रहे है।

आज हम आपको एक ऐसी बीमारी के बारें में बताने जा रहे है जिसमें एक इंसान ने करीब 75 सिक्के निगल लिए है। जी हां दोस्तो सही पढ़ा आपने इस बीमारी का नाम मेटलोफगिया है।

क्या है मेटलोफगिया

मेटलोफगिया एक ऐसी बीमारी है जिसने पूरे भारत के वैज्ञानिकों को सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। इस बीमारी में इंसान को जब भूख लगती है तो उसका खाना खाने का मन नहीं करता है। इस बीमारी में इंसान को धातु की चीजे खाने का मन करता है।

आपको बता दें कि महाराष्ट्र के पालघर जिले में ये बीमारी एक 50 साल के आदिवासी व्यक्ति को हुई थी। इस बीमारी में इस आदिवासी आदमी का पेट गुल्लक की तरह बाहर आ रहा था। वहीं जब डॉक्टरों मे ऑपरेशन किया तो उसके पेट से करीब 72 सिक्के निकले। इस पर तमाम डॉक्टरों का कहना है कि मानसिक बीमारी की वजह से आदीवासी आदमी लंबे समय से सिक्के निगलता रहता था।

इस बीमारी में लोगों को धातु की चीजें निगलने की चाहत होती है। वहीं रोगी सांबर पालघर के तलसारी तालुक में थोराटपाडा का निवासी बताया गया है।

ढाई घंटे चला ऑपरेशन

वहीं डॉक्टरों ने बताया कि ये आदिवाली व्यक्ति इस बीमारी से करीब 20 साल से पीड़ित है। इस व्यक्ति का ऑपरेशन करीब साढे तीन घंटे तक चला था। वहीं अब मरीज की हालत ठीक बताई जा रही है।

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