क्रिकेट जगत में एक और नया रिकॉर्ड दर्ज, जाने कौन है बल्लेबाज

शेयर करें

एक समय था कि टेस्ट क्रिकेट का बहुत क्रेज़ था फिर वन डे क्रिकेट का चलन हुआ। वन-डे क्रिकेट के आने के बाद से ही तेज़ रन बनाए जाने का सिलसिला शुरू हुआ लेकिन फिर दौर आया टी-20 का। टी-20 क्रिकेट ने खेल को पूरी तरह से बदल दिया।एक समय 50 ओवर में 250 रन बहुत अधिक समझे जाते थे और अब स्थिति ये है कि 20 ओवर में ही 200 से ऊपर रन बन जाते हैं।


इतना ही नहीं इतने रन बनाकर भी टीमें हार जाती हैं। जिस तरह से तेज़ क्रिकेट का चलन हुआ है, इसमें खेल को रफ़्तार देने वाले खिलाड़ियों ने भी ख़ूब जौहर दिखाए हैं। हर रोज़ रिकॉर्ड बनते हैं और हर रोज़ टूटते हैं।

1.क्रिकेट में हर रोज़ बनते हैं नए रिकॉर्ड

 

पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी क्रिकेट से सन्यास ले चुके हैं। जिसके बाद उन्होंने एक फाउंडेशन खोल ली है। जोकि गरीबों की मदद करने का काम करती है। जिसका नाम ‘शाहिद अफरीदी फाउंडेशन’ है।

उनकी फाउंडेशन को भारतीय क्रिकेटर्स द्वारा भी काफी समर्थन मिल चुका है। उनकी इस फाउंडेशन को भारत के तेज तर्रार गेंदबाज हरभजन सिंह और इंडियन क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने मदद के लिए की चीज़ें गिफ्ट की है।

2. क्रिकेट मैदान पर बल्लेबाजों ने रचा इतिहास

आज हम इसी तरह के एक रिकॉर्ड की बात कर रहे हैं जिसे दो बल्लेबाज़ों ने बनाया है। इन दो खिलाड़ियों ने ऐसी बल्लेबाज़ी की कि दो ओवर में 72 रन बना दिए। ओवर की हर गेंद पर छक्का मारने वाले इन दो बल्लेबाज़ों ने रिकॉर्ड बना दिया है। पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी की फाउंडेशन ने एक टी-10 मैच कराया था, वो ऐसे मैच अक्सर कराते हैं।

3. हर गेंद पर मारा छक्का

 

इस मैच के दौरान शोएब मालिक और बाबर आज़म ने शानदार बल्लेबाज़ी की और दो ओवर ऐसे खेले के हर गेंद पर छक्का मारा। इस मैच में मालिक ने 84 रन बनाए। उन्होंने सिर्फ़ 20 गेंदों में इतने रन बनाए।

शोएब मलिक की तूफ़ानी बल्लेबाज़ी ने रेड टीम को 201 रन का विशाल लक्ष्य पर पहुंचा दिया। जानकार हैरानी होगी कि ये लक्ष्य भी नाकाफ़ी रहा क्यूंकि विपक्षी ग्रीन टीम ने रेड टीम के इस लक्ष्य को हासिल कर लिया।

4. 26 गेंदों में बनाया शतक

बाबर आज़म ने शानदार शतक बनाया. उन्होंने सिर्फ़ 26 गेंदों में शतक बना दिया। जितने रन 20 ओवर में बनना मुश्किल हैं, उतने रन दस ओवर में बनाकर भी कोई टीम मैच हार जाए तो इसे दुर्भाग्य ही कहेंगे। लेकिन सवाल ये उठता है कि क्या इस तरह की बल्लेबाज़ी अन्तराष्ट्रीय स्तर पर भी हो सकती है?


शेयर करें