सऊदी का कानून और हुआ सख्त, एक ही दिन में 7500 लोगों की हुई गिरफ्तारी

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सऊदी अरब दुनिया भर में एक ऐसे देश के तौर पर जाना जाता है, वहां के कानून काफी सख्त हैं। सऊदी में शाही परिवार का शासन चलता है, और ये कानून इनके द्वारा ही लागू किए गए हैं। सऊदी अरब में महिलाओं के लिए कानून काफी कड़े हैं।

वहीँ महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और रेप करने के आरोपी को सजा-ए-मौत दी जाती है। ऐसे ही अन्य मामलों में भी सऊदी अरब में सजा ऐसी ही दी जाती है।

आजकल सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के शासन में सऊदी अरब बदलाव की तरफ अग्रसर है। यहाँ पर कई इकनोमिक और सोशल बदलाव लाये गए हैं। माना जा रहा है की किंगडम में इस वक़्त रिफॉर्म्स का दौर चल रहा है।

सऊदी अरब में गिरफ्तार किए गए 7500 लोग

सऊदी क्राउन प्रिंस देश की इकॉनमी की निर्भरता तेल से हटाकर अन्य रिसोर्सेज पर शिफ्ट करना चाहते हैं। जिसके चलते सबसे पहले सऊदी नागरिकों को रोज़गार देने की ज़रुरत महसूस हो रही है।

हालाँकि सऊदी में लाखों की संख्या में प्रवासी काम करते हैं, जोकि वहां पर वैध और अवैध ढंग से रह रहे हैं, लेकिन हाल ही में सऊदी सरकार ने इन लोगों को देश से बाहर निकालने के लिए एक अभियान चलाया है। इस सिलसिले में यहाँ पर बहुत बड़ी संख्या में लोगों की गिरफ्तारी की खबर सामने आई है।

सऊदी अरब के जेद्दाह में अनुग्रह की सीमा ख़त्म होने के बाद करीब सात हज़ार पांच सौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें वह लोग भी शामिल हैं, जिनपर लेबर कानून तोड़ने का आरोप है।

आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल मंसूर अल तुर्की के अनुसार, ये अभियान केवल उन लोगों को निशाना बनाने के लिए नहीं चलाया गया, जिनके पास कोई निवास परमिट नहीं था, बल्कि उन लोगों को भी निशाना बनाया गया है।

मंत्रालय ने दी सफाई

जिन लोगों के निवास दस्तावेज खत्म हो गए है और वह इस अवधि के बाद भी वहीँ पर रह रहे हैं, उन्होंने उस ग्रेस पीरियड को रिन्यू नहीं करवाया है।

बताया जा रहा है की निवास और लेबर कानून का उल्लंघन करने वालों पर हमारी काफी दिन से नज़र थी। इस लिस्ट में वह लोग भी शामिल हैं, जिनके पास अपना घर है लेकिन वह किराए पर लगाते हैं।

सऊदी लोगों और प्रवासियों को समान सजा

इसके साथ उन्होंने बताया है कि अनुग्रह अवधि आठ महीनो के लिए चलाई गई। इसके साथ कुछ दूतावासों को अतिरिक्त समय दिया गया था। इन दूतावासों के नागरिकों को कुछ उचित शर्तों के साथ अपनी हालत को ठीक करने की मोहलत दी गयी थी।

उन्होंने कहा है की इस मामले में सऊदी निवासियों और बाहरी प्रवासियों के बीच बिलकुल भी फर्क नहीं किया गया है। बल्कि सबके साथ समान बर्ताव किया गया। उनका कहना है कि चाहे सऊदी के निवासी हो या विदेशी सबको कानून का पालन करना होगा और ऐसा न करने पर सबपर समान रूप से कार्यवाही ही होगी।

Story Source: http://viralinindia.net/news/saudi-arrest-2/24663/


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