फर्जी खबर फैलाना पड़ा महंगा, सऊदी अरब ने भारतीय मीडिया को बताया दलाल, पढ़िए

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2014 के लोकसभा चुनावों के बाद सत्ता में आयी मोदी सरकार का झूठ और झूठी ख़बरों के साथ क्या नाता रहा है यह पूरी दुनिया जानती है।

आज देश के ज़्यादातर मीडिया चैनल किस तरह पैसा लेकर झूठी ख़बरों की रद्दी रोज लोगों टीवी और अख़बारों के जरिये लोगों घरों तक पहुंचाते हैं सब जानते हैं।

कुछ दिन पहले एक मशहूर टीवी चैनल की तरफ से स्टिंग ऑपरेशन कर इन मीडिया घरानों को नंगा भी किया था लेकिन फेक न्यूज़ का सिलसिला आज भी जारी है।

न्यूज़ चैनल्स के झूठ इस कदर बढ़ गए हैं कि अब इन झूठों से अन्य देश और उनकी सरकारें भी परेशान होने लगी हैं।

भारतीय मीडिया ने चलाई सऊदी की झूठी खबर


हाल ही में भारतीय मीडिया द्वारा फैलाये गए एक झूठ से सऊदी अरब सरकार इस कदर आग बबूला हो गयी कि उन्होंने भारत को चेतावनी दे डाली।

जनता के पैसे पर सारी दुनिया घूम-घूम करोड़ों रूपये उड़ाने वाले मोदी की झूठी प्रशंसा करने वाले बिकाऊ मीडिया ने एक ऐसा फर्जी वीडियो वाइरल कर दिया जिसमें दिखाया गया था कि एक कार्यक्रम में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस अपना संबोधन ‘जय सियाराम’ के साथ शुरू कर रहे हैं।

इस झूठ को इतना फैलाया गया कि लोग इसे सच समझने लगे और मोदी अंधभक्त गली-गली छाती ठोंक मोदी मोदी करते फिरने लगे थे,

लेकिन भक्तों की हवा तब निकली जब गल्फ न्यूज़ ने इस फेक वीडियो की सच्चाई लोगों के सामने रख दी.

मोदी भक्तों की सऊदी ने निकाल दी हवा


गल्फ न्यूज के मुताबिक शेख मोहम्मद बिन जायद कभी भी ऐसे किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए हैं।

कार्यक्रम में शामिल जिस व्यक्ति को दिखाया गया है वे यूएई के अखबारों के कॉलमिस्ट और अरब मामलों के जानकार सुल्तान सऊद अल कासमी हैं। साथ ही गल्फ न्यूज़ ने ये भी कहा कि,

“यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारतीय मीडिया शेख मोहम्मद बिन जायेद को नहीं पहचानती है जो कि 2017 में ही गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि रहे थे और साल 2016 में तो उन्होंने राजकीय अतिथि के रूप में भारत का दौरा किया था।”

मोदी सरकार भी शेयर करती है फ़र्ज़ी खबरें

ऐसा नहीं है की देश की मीडिया ही झूठी ख़बरों को फैलाने का ठेका लेकर सारा काम कर रही है।

सरकार खुद इस काम में जी तोड़ मेहनत कर रही है।

विकास की झूठी तस्वीर को लोगों के दिमाग में बिठाने के लिए सरकार दुसरे देशों की तस्वीरों को अपने ऑफिशल अकाउंट्स पर दिखा भक्तों की आँखों को राहत पहुंचा रही है।

निष्कर्ष:

देश के मीडिया द्वारा फैलाये जा रहे “मोदी सुपरहीरो” जैसे जुमलों पर यकीन न करें सब पाखंड आपके दिमाग में झूठी तस्वीर बनाने के लिए किया जा रहा है।


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