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यमन में किस तरह के हालात बने हुए हैं यह तो सभी जानते हैं अब वहां पर मौजूद हौती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के दक्षिणी सीमावर्ती शहर खामिस मुशैत के एक सैन्य राडार वाले शिविर पर बैलिस्टिक मिसाइल दागते हुए हमला कर दिया है।

नहीं थम रहा है मिसाइलों का दागा जाना

इस साल की बात करें तो यमन के हौती लड़ाकुओं का सऊदी अरब पर हमला करने से लेकर और सऊदी के मशहूर शहरों पर हमले करना लगातार जारी है। हौती विद्रोहियों के दावे के मुताबिक मिसाइल से सैन्य ठिकाने को भारी नुकसान पहुंचा है।

आपको बता दें कि सऊदी अरब पिछले तीन सालों से ही यमन की निर्वाचित सरकार के समर्थन में हौती विद्रोहियों के खिलाफ अरब सैन्य गठबंधन का नेतृत्व कर रहा है।

यमन के हुतियों द्वारा किए हमलों को सफलापूर्वक रोक रही सऊदी सेना

यमन के हुतियों के टीवी चैनल द्वारा जानकारी दी गई है कि हौती सेनाओं ने जिज़ान हवाई अड्डे की तरफ एक बदर -1 बैलिस्टिक मिसाइल दागी थी। हालांकि इस हमले को सऊदी की सेना ने कामयाबी के साथ रोकर लिया था।

इससे पहले वर्ल्ड न्यूज अरबिया की ओर से भी जानकारी दी गई थी कि हुती लड़ाकों ने पहले अरामको ईंधन अनुसंधान केंद्र को निशाना बनाया था। हालांकि यहां पर भी सऊदी सेना द्वारा मिसाइल को खत्म कर दिया गया था।

रियाद की यमन को चेतावनी

रियाद ने बार-बार ईरान को यमन से बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने के लिए जिम्मेदार बताया है और इसकी चेतावनी भी दी है कि इस तरह के कारनामों को “युद्ध का कार्य” माना जा सकता है, जबकि इस्लामी गणराज्य ने इस तरह के आरोपों से साफ इनकार कर दिया है।

पिछले तीन सालों से बिगड़ रहे हैं हालात

सऊदी के नेतृत्व वाला गठबंधन शिया हौती विद्रोहियों के खिलाफ आवाज उठा रही है, जिन्होंने 2015 के शुरुआती समय में यमन की राजधानी साना पर नियंत्रण संभाला था। सऊदी नेतृत्व वाले बमबारी और यमन के नाकाबंदी के तीन सालों से देश के आसापस पतन का कारण बन गया है।

यमन की आबादी के लगभग 22 मिलियन लोग, या 80 फिसदी को इंसानी सहायता की बेहद जरुरत है।

भ्रष्टाचार को लेकर उठ रही है अलग होने की मांग

आपको बता दें कि हौती विद्रोही यमन में उत्तरी इलाके के शिया मुसलमान हैं। विद्रोहियों का आरोप है कि सरकार में भ्रष्टाचार फाला हुआ है। जिस कारण ये लोग अपने लिए अलग देश की मांग कर रहे हैं।

वहीं सरकार इनकी मांग को नहीं मान रही है। यही वजह है कि हौती विद्रोही सत्ता को बेदखल करने के लिए संघर्ष करने की शुरुआत कर चुके हैं।

यमन की सत्ता संभाल रहे शीर्ष लोगों की मदद सऊदी अरब कर रहा है। सत्ता की इस लड़ाई में विद्रोह व आंदोलनों की शुरुआत से लेकर अब तक कई हजार लोगों की जाने जा चुकी हैं।

Story Source : http://www.indiadainik.com/saudi-arab-misile-attack/

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