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अक्सर भारत में ये बात उठाई जाती है कि मुसलमान देश का माहौल बिगाड़ रहा है। और उन्हें इस देश से बाहर करने तक की बात कुछ राजनेता और भारतीय जनता पार्टी के लोग कह चुके हैं। लेकिन वो लोग भूल गए है कि असलियत में इस्लाम को मानने वालें को अल्लाह ने ये सीख दी है कि सभी का भला करना है।

इसी कवायद में ये एक शख्स भी आगे बढ़ा है। जिसने न सच्चा मुसलमान होना साबित किया है बल्कि एक इंसानियत की भी मिसाल पेश की है।

दिल से गरीबों की मदद करने वालों को जिन्दगी का सच्चा सुख हासिल होता है। इसके लिए लोगों के अन्दर दिल में सच्ची समाजसेवा का जज्बा होना जरूरी होता है। लोगों को जहां तक संभव हो गरीब और असहाय लोगों की मदद करने के लिए आगे आना चाहिए। ऐसे नेक कार्य करने से दिल को सकून तो मिलता ही है इसके साथ भगवान भी तुम्हारे कर्मों से खुश होता है। खेतासराय थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने कहा कि मौजूदा दौर में समाज सेवा से बढ़कर मेरे लिए और कोई सेवा नही है।

नये साल के दूसरे दिन अल-फलाह वेलफेयर सोसाइटी, खेतासराय के तत्वाधान में कस्बा स्थित बीएम अस्पताल के पास में मंगलवार की सुबह एक कैम्प लगाया गया था। इस कैम्प में गरीबों, असहायों और बुजुर्गों को कुहासे, गलन भरी ठण्ड से राहत देने के लिए कम्बल बांटे गए। कंबल पाने वाले गरीब, असहाय लोगों के चेहरे इस पहले से बहुत ज्यादा खिल गये। इस कार्यक्रम में 216 लोगों को ये लाभ मिला है। कार्यक्रम के खेतासराय थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे।

सोसाइटी के अध्यक्ष और कांर्यक्रम के आयोजक फहीम अहमद ने थानाध्यक्ष को स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। फहीम अहमद ने सोसाइटी के सदस्यों और सहयोगियों की तारीफ की और उन्होंने कहा कि जरुरतमन्दों की जरुरत पूरा होने से समाज में सुख शांति और विकास का रास्ता खुलता है। इससे अल्लाह की रजा भी हासिल होती है। सात ही साथ रोजी-रोजगार में बरकत भी मिलती है।

कार्यक्रम का संचालन मोहम्मद असलम ने किया था। कार्यक्रम के आयोजक फहीम अहमद ने लोगो का आभार प्रकट किया था। इस कार्यक्रम में खासतौर पर शांतिभूषण मिश्रा, मनीषा सोनी, बेलाल अशरफ, अबसार कुरैशी, अब्दुर्रहमान, पप्पू श्रीवास्तव, नफीस खान, मोइज अहमद, वामिक समेत दर्जनों लोग उपस्थित रहे।

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