कोर्ट ने बरसाया हादिया पे अपना नूर, इस्लाम क़ुबूल करने पे दिया ये बड़ा तोहफा - वायरल इन इंडिया - Viral in India - NEWS, POLITICS, NARENDRA MODI

कोर्ट ने बरसाया हादिया पे अपना नूर, इस्लाम क़ुबूल करने पे दिया ये बड़ा तोहफा

दुनियाभर में आज इस्लाम को टारगेट बनाते हुए उसकी आलोचना में जमकर पैसा खर्च किया जा रहा है, लेकिन बावजूद इसके इस्लाम धर्म आज दुनिया के सभी धर्मों के मुकाबले काफी तेजी से फ़ैल रहा है.

दुनियाभर में लोग तेजी से अपना रहे है इस्लाम

आज दुनियाभर में ऐसे लोगों की संख्या में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है जो अपना धर्म छोड़ इस्लाम में अपना विश्वास दिखाते हुए उसे अपना रहे है. इसके पीछे देखा जाए तो कई कारण सामने आते है.

कई लोग तो ये सोचकर अपना धर्म छोड़ने को मजबूर है कि वह खुद को अपने धर्म में बिलकुल अकेला और अलग महसूस करते थे.

इस्लाम कबूल कर पहली बार घर लौटी हादिया ने कह दी बड़ी बात

एक सर्वे की माने तो इस्लाम कबूल करने वाले लोगों से जब बात की गई तो उनमे से ज्यादातर लोगों ने ये माना कि वह इस्लाम में बहुत अच्छा महसूस करते है.

इसी के चलते अब हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शफीन जहां से शादी को बरकरार रखने के फैसले के बाद अपने गृह राज्य केरल पहंचने वाली और इस्लाम कबूल करने वाली हादिया ने इस्लाम को लेकर एक बेहद सुन्दर बात कह दी है.

मीडिया से बात करते हुए लगाए गंभीर आरोप

बता दें कि इस्लाम कबूल करने के बाद पहली बार भारत पहुंचकर मीडिया के साथ बातचीत के दौरान हादिया ने कहा कि..

“यह सब मेरे इस्लाम कबूलने की वजह से हुआ है.”

इस्लाम कबूल कर देश की मीडिया ने बनाया था टारगेट 

अपने इस्लाम कबूल करने पर हादिया का कहना था कि.

“संविधान अपना धर्म चुनने की पूरी अजादी देता है, जो हर नागरिक का मौलिक अधिकार है और यह सब मेरे इस्लाम कबूलने की वजह से हुआ.”

इस्लाम कबूल करने पर भारतीय मीडिया ने किया था हादिया का दुष्प्रचार 

अपने इस बयान से हाल ही में शादी के बाद मुस्लिम बनी हादिया का सीधा मतलब था कि लोगो को शायद उनकी किसी भी धर्म में शादी करने से कोई आप्ती नहीं होती लेकिन जब उन्होंने दिल से इस्लाम को कबूल किया तो वह हिंदुवादी संघटनो की नजरो में आ गई जिसे बिकाऊ भारतीय मीडिया ने दुष्प्रचार करते हुए तूल दी.

हादिया की शादी तुड़वाना चाहते थे लोग 

भारत की बिकाऊ मीडिया ने न केवल उनके इस्लाम कबूल करने का दुष्प्रचार किया बल्कि उनका संबंध दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकवादी संगठनों से जोड़कर भी उनकी शादी तुड़वाने की कोशिश की. इसके आरोप लगाते हुए हादिया ने साफ शब्दों में कहा कि

“अगर इस बात को इतना मीडिया में उछाला नहीं जाता तो विवाद बढ़ता ही नहीं क्योंकि मैंने अपनी मर्जी से इस्लाम कबूल कर शफि सेलम से निकाह किया था.”

दुष्प्रचार कर बदनाम करने का लगाया आरोप

हादिया के आरोपों और उनके इस बयान ने न केवल मुख्यधारा की कई मीडिया पर बल्कि कई लोगों पर भी सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सच में मीडिया अन्य धर्म त्याग कर इस्लाम में जाने वाले लोगो का दुष्प्रचार कर इन्हें बदनाम करने की साजिश रचता है ?

पति संग भारत लौटकर सुप्रीमकोर्ट के फैसले पर किया धन्यवाद

जानकारी के लिए बता दें कि भारत लौटी हादिया अपने पति शफीन के साथ सेलम पहुंचकर पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के कार्यालय गई जहाँ दोनों ने मीडिया से बात करते हुए कई बड़े खुलासे किये. इसी दौरान हादिया ने सुप्रीमकोर्ट का धन्यवाद करते हुए ये भी कहां कि,

“सर्वोच्च न्यायालय द्वारा हमारी शादी बरकरार रखे जाने से हमें ऐसा लग रहा है कि हमें आजादी मिल गई है.”

शादी के बाद अखिला अशोकन से बनी हादिया

बताते चले कि 24 वर्षीय हादिया जिसका नाम पहले अखिला अशोकन था, वो इस्लाम कबूल करते हुए शफीन जहां से शादी कर अखिला से हादिया बन गई और इसी के चलते सुर्ख़ियों में आई.

पिता ने शादी तोड़ने के लिए कोर्ट में डाली थी अर्जी

हादिया के इस्लाम कबूल करने पर उनके हिन्दू पिता ने ये आरोप लगाया था कि आतंकवादी संगठनों से संबंधित समूहों ने जबरन हादिया का धर्म परिवर्तन कराया है. इसके बाद बीते 8 मार्च को सुप्रीमकोर्ट ने केरल हाईकोर्ट के उस आदेश को निरस्त कर दिया जिसमें हादिया और शफीन की शादी को रद्द करने की अर्जी दी गई थी.

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