मौत होने पर तुरंत लाश को जला दिया जाता है, लेकिन क्या है इसके पीछे की वजह ?

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ज़िन्दगी और मौत हमारे जीवन के दो ऐसे पहलू हैं, जो हमारे हाथ में बिलकुल भी नहीं हैं। लोग अक्सर भगवान के आगे अपनी लम्बी उम्र के दुआ करते हैं। ऐसा भी कहा जाता है की ज़िन्दगी और मौत भगवान् के हाथ है, उसने हमें उस दुनिया में इसका समय साथ लिखकर भेजा है। हम भी ये जानते हैं की एक वक़्त आएगा जब हमें इस दुनिया को अलविदा कहना होगा,

लेकिन रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में या तो हम इस सच को भूल जाते हैं या फिर इसका सामना न करते हुए इसे इग्नोर करते हैं। कुछ लोग तो भगवान से अमर हो जाने की भी मन्नत मांगते हैं। लेकिन यदि अमर नहीं तो मरने से पहले वे सभी कार्य तथा इच्छाओं को पूर्ण करना चाहते हैं।

कुदरत का एक अहम नियम है जन्म और मरण

कुछ लोग इस जिंदगी में इतने उलझ जाते हैं की मरने के सच को चाहकर भी नहीं अपनाते हैं।मरने से डरने वाले लोग अक्सर उलटे-सीधे तरीके अपना कर इससे बचने की कोशिश करते हैं। लेकिन ऐसा होना तो असंभव है। आखिर कौन बच पाया है इस जीवन-मरण के चक्र से।

ये कुदरत का एक अहम नियम है की जिसने यहाँ जन्म लिया है उसे मरणा होगा। हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है आत्मा कभी नहीं मरती है। व

ह एक शरीर को छोड़कर किसी दूसरे शरीर में प्रवेश कर जाती है, फिर चाहे वह शरीर इंसान का हो या जानवर का। आत्मा एक शरीर को छोड़ने के बाद दूसरे शरीर में जाने का इंतजार करती है।

क्या आप जानते हैं मरने के बाद क्यों होती है संस्कार करने की जल्दी

लेकिन उस आत्मा द्वारा शरीर छोड़े जाने के बाद धार्मिक रूप से कुछ संस्कार करना बेहद आवश्यक है।क्या आप जानते हैं की जब किसी की मौत होती है तो उसका संस्कार करने की जल्दी क्यों मच जाती है।

नहीं जानते, तो हम आपको बताते हैं अंतिम संस्कार के असल मायने क्या हैं। क्यों वह इस काम में ज्यादा विलंब नहीं करना चाहते? हिन्दू धर्म ग्रन्थ गरुड़ पुराण में लिखा है कि जब तक गांव या मोहल्ले में किसी की लाश पड़ी होती है तब तक घरों में पूजा नहीं होती, चूल्हा भी नहीं जलता।

लाश के पड़े रहते नहीं कर सकते ये जरूरी काम

इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जा सकता और तो और शव रहने तक व्यक्ति स्नान भी नहीं कर सकता। जब तक मृतक का शरीर रहता है लोगों के ज़रूरी काम रुके रहते हैं। इसलिए लोग जल्दी से जल्दी अंतिम संस्कार करने की फिराक में रहते हैं।

जब तक अंतिम संस्कार नहीं होता लोग मृतक शरीर की देखभाल करते हैं क्योंकि यदि कोई जानवर शरीर को छू ले तो उसकी दुर्गति होती है और मरने के बाद उसकी आत्मा चैन से नहीं रहती है। इसलिए जल्द से जल्द मृतक के शरीर का अंतिम संस्कार किया जाता है।


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