सऊदी के मुसलमानों की चमक गयी किस्मत, रमजान पे मिला 4 करोड़ रूपए का तोहफा

भारतीय मूल के ईसाई कारोबारी ने 'मुस्लिम मज़दूरों' को दिया रमज़ान का सबसे बेहतरीन तोहफा

रमजान के मौके पर आपको हर तरफ इसकी धूम नज़र आ रही होगी.

खासतौर पर मुस्लिम देशों में इस पर्व पर लोगों में गज़ब का उत्साह देखने को मिल रहा है.

ऐसे में भारतीय मूल के एक ईसाई कारोबारी ने भी इस मौके को और ज्यादा ख़ास बनाते हुए आपसी भाईचारे की बेहतरीन मिसाल पेश की है.

ईसाई कारोबारी ने मुस्लिम मज़दूरों के लिए बनवाई ख़ास मस्जिद

दरअसल, उन्होंने मुस्लिम देश UAE में काम करने वाले मुस्लिम मज़दूरों के लिए एक मस्जिद की तामीर करते हुए हर किसी को चौका दिया है.

आपको सुनकर श्याद विश्वास न हो कि तकरीबन 2.4 करोड़ रुपए की लागत से बनी इस मस्जिद को रमज़ान के मौके पर खोला जाएगा.

इस ख़ास मस्जिद का नाम मरियम उम्म ईसा रखा गया है जो कि अल हेल इंडस्ट्रियल इलाके के ईस्ट विले रियल एस्टेट परिसर में बनाई गई है.

2.4 करोड़ से लेकर 4 कोर्ड रुपए में बनकर तैयार हुई मुस्लिम मजबूरों की मस्जिद

जानकारी के लिए बता दें कि केरल के छोटे से गांव कायमकुलम के रहने वाले 49 वर्षीय शख्स ‘साजि चेरियन’ को मस्जिद की तामीर का ख्याल उस वक्त आया जब उन्होंने मज़दूरों को जुमे की नमाज़ अदा करने के लिए काफी पैसे ख़र्च कर फुजैराह सिटी या दूसरे इंडस्ट्रियल एरिया जाते हुए देखा.

चेरियन ने UAE के जाने-माने गल्फ़ न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि,

“उन्होंने जब मज़दूरों को नमाज़ के लिए परेशानी उठाते देखा तो उन्होंने उसी वक्त मन बना लिया कि वो मज़दूरों के लिए इसी इलाके में एक मस्जिद की तामीर करेंगे.”

इंटरव्यू में उन्होंने ये भी बताया कि,

“रमजान के मौके पर मस्जिद अब पूरी तरह बनकर तैयार हो चुकी है. इसमें नमाज़ रमज़ान से अदा करनी शुरू की  जाएगी.”

बिना किसी की मदद से अकेले किया मस्जिद का पूरा निर्माण

भारतीय मूल के ईसाई कारोबारी ने बताया कि मस्जिद का निर्माण कार्य शुरू होने के बाद उन्हें कई लोगों से डोनेशन और कैश ऑफर हुआ.

साथ ही कुछ लोग उन्हें कंस्ट्रक्शन से जुड़ी चीजें देने के लिए आगे भी आए थे, लेकिन, उन्होंने किसी की मदद नहीं ली.

उन्होंने बताया कि वो शुरुआत से ही अपने पैसों से मस्जिद की तामीर कराना चाहते थे.

मस्जिद निर्माण कमेटी की मदद लेने से भी किया इंकार

मस्जिद का पूरा निर्माण काम देखने वाली कमेटी के अधिकारियों की माने तो उन्हें जब इस बात का पता चला कि एक ईसाई शख़्स मस्जिद की तामीर कराना चाहता है तो उन्हें पहले तो बड़ी हैरानी हुई.

अधिकारियों ने बताया कि,

“ईसाई शख़्स चेरियन की इस अनोखी पहल को देखते हुए कमेटी ने उन्हें मस्जिद बनाने के लिए अपनी पूरी मदद देने का आश्वासन दिया और मुफ्त बिजली-पानी देने को कहा.”

हालांकि, चेरियन ने मुफ्त मदद लेने से साफ़ इनकार कर दिया.

2003 में भारत से यूएई आकर बसे थे चेरियन

बता दें कि चेरियन सन 2003 में उस चंद दिरहम के साथ भारत से यूएई पहुंचे थे जो आज लगभग 68 मिलियन दिरहम के मालिक हैं.

उनकी नेक नीयति का अंदाज़ा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि वो अपनी इस कामयाबी का सारा श्रेय अपनी पत्नी को देते हैं.

निष्कर्ष

वाकई ऐसे समय में जब लोग धर्म और जाति के नाम पर एक दूसरे के खून के प्यासे बने बैठे हैं, ऐसे में चेरियन द्वारा इस तरह का एक काम इंसानियत में हमारे विश्वास को मज़बूत करता है. यह हमें विश्वास दिलाता है कि कुछ लोग अभी भी प्यार, शांति और सद्भाव चाहते हैं और इंसानियत को दुनिया की सभी चीज़ों से ऊपर रखते हैं.

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Leesha Senior Reporter

यह खबर वायरल इन इंडिया के वरिष्ट पत्रकार के द्वारा लिखी गयी है| खबर में कोई त्रुटी होने पर हमें मेल के द्वारा संपर्क करें- [email protected] आप हमें इस फॉर्म से भी संपर्क कर सकते हैं, 2 घंटे में रिप्लाई दिया जायेगा |
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