राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने कुरान, और बाइबिल पढ़ने के बाद दिया यह बयान,कहा…

आज जिस समाज में हम रह रहे हैं वहां धर्म एक सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। बात करें हमारे भारत देश की तो यह अपने आप में ही कई धर्मों को समेटे हुए है। जो किसी समय में केवल भारत की एक ताकत हुआ करती थी वही आज हिंसा, सम्प्रदायिक दंगो की वजह बन गई है।

धर्मों की अपने हिसाब से संज्ञा देने वाले धर्म गुरु

समाज में अपने आपको धर्म को गुरु बताने वाले ये सभी अपने हिसाब से हिंदु, इस्लाम, बाइबिल का बखान करते हैं। लेकिन असल धर्म जो कि किसी जाती से बिल्कुल अलग है। वह क्या कहता है इस बारे में शायद ही कोई हो जो आपको ज्ञान गदे। लेकिन यहां हम आपको ऐसी ही एक खास जानकारी के बारे में बताने जा रहे हैं। जो हमारे सभी धर्मों को पढ़ने के बाद सामने आई है।

क्या है सभी धर्मों का असल सार

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह बताते हैं कि उन्होंने हमारे समाज में मौजूद सभी धर्मों के ग्रंथों को पढ़ा। इनका पूरी तरह से अध्ययन करने के बाद वे भी इस बात को समझ पाये कि, समाज में असहिष्णुता नहीं होनी चाहिए।

अपने खाली समय में उन्होंने ऋग्वेद, भगवद गीता, महाभारत, कुरान, बाइबिल, सत्यर्थ प्रकाश और गुरु ग्रंथ साहिब को पढ़कर उसे समझा। इसके बाद उन्हें भी यही महसूस हुआ कि दुनिया के किसी भी धर्म में नफरत के लिए कोई जगह नहीं  है।

देश के लोकतंत्र में भी असहिष्णुता के लिए कोई जगह नहीं

वे कहते हैं, ‘लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के साथ सहिष्णुता लोकतंत्र का प्राण तत्व है। मेरा विचार तुम्हारे विचार से मेल नहीं खाया तो भी मैं आपके विचारों का सम्मान करूंगा। हाल ही में फिल्म पद्मावत को लेकर कुछ महीनों से राजस्थान में विरोध किया गया। फिल्म को सेंसर बोर्ड से मंजूरी मिलके के बाद भी वह राजस्थान में रिलीज नहीं हुई है।‘

सभी धर्म ग्रंथो को पढ़ कल्याण सिंह ने बतायी यह सामान्य बात

सिंह कहते हैं कि, ‘हालांकि हम किसी के विचारों से सहमत नहीं हो सकते हैं, लेकिन हममें उनको बर्दाश्त करने की क्षमता होनी चाहिए।‘ कल्याण सिंह के कार्यलय की ओर से यह कहा गया कि, राज्यपाल का शास्त्रों का अध्ययन से प्राप्त होने वाले निष्कर्ष को, “समाज, राज्य और राष्ट्र को लाभ प्रदान” करने के लिए एकत्रित किया जाएगा।

कल्याण सिंह को खासतौर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री होने के लिए जाना जाता है। उनके मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए ही बाबरी मस्जिद को ध्वस्त किया गया था। वहीं लिब्रहान आयोग ने इस विध्वंस की जांच के लिए खासतौर से उनका हाथ होने का आरोप लगाया था। सिंह का मानना है कि हमे एक खास और गहन अध्ययन की जरुरत है।

सच से दुनिया में शांति स्थापित की जा सकती है

वह कहते हैं, ‘सच से दुनिया में शांति स्थापित की जा सकती है, नफरत को हटाया जा सकता है जिससे हम एक दूसरे को समझ सकते हैं।’ देश के लोकतंत्र की प्रशंसा करते हुए वह कहते हैं, ‘यह शासन का सबसे अच्छा तरीका है, इस तथ्य के बावजूद कि कुछ विसंगतियां हैं, लोकतंत्र अनिवार्य रूप से सहिष्णुता को बढ़ावा देता है।‘ 

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