यहाँ जितने भी मुस्लिम उम्मीदवार थे, सभी ने जीत की हासिल, मोदी लहर की निकली हवा

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में सभी मुस्लिम उम्मीदवारों की जीत

कर्नाटक की 224 सीटों वाली विधानसभा चुनाव में बीजेपी 104 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है तो वहीं कांग्रेस को 78 व जेडीएस को 38 सीटे मिली हैं और अन्य के खाते में महज 2 सीटें हासिल हुई हैं। इस तरह राज्य में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बन गई है।

इसके बाद तुरंत कांग्रेस ने बड़ा फैसला लेते हुए जेडीएस को समर्थन देकर राज्य में सरकार बनाने की बात कह बीजेपी खेमे में हड़कंप मचा दिया। आपको बता दें की इस बार के विधानसभा चुनाव में मुस्लिम प्रतिनिधित्व पिछली विधानसभा के मुकाबले कम रहा।

1. कांग्रेस ने उतारे 7 मुस्लिम उम्मीदवार

यहाँ साल 2013 में मुस्लिम उम्मीदवारों की संख्या 11 थी, वहीँ इस बार ये संख्या कम होकर 7 तक सीमित रह गई है। लेकिन इस बार सातों मुस्लिम उम्मीदवारों को अपनी सीट से जीत हासिल हुई है।

गौरतलब है की इन सभी मुस्लिम उम्मीदवारों को कांग्रेस ने टिकट दी थी। इनमें से पांच ने पार्टी टिकट पर 2013 का भी विधानसभा चुनाव जीता था।

जानकारी के लिए बता दें कि मुस्लिम उम्मीदवारों में कांग्रेस के अनुभवी रोशन बेग और महिला उम्मीदवार कनीज फातिमा शामिल है।कांग्रेस उम्मीदवार बेग अपने गढ़ शिवाजीनगर से जीते हैं जबकि फातिमा ने गुलबर्गा से जीत हासिल की।

2. सभी उम्मीदवारों की हुई जीत

माना जा रहा है की इस चुनाव में मुस्लिम उम्मीदवारों की कमी के कारण इसका सीधा फायदा बीजेपी को पहुंचा है। जिसके बीते 2013 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में सिर्फ 40 सीटें हासिल करने वाली बीजेपी इस बार 104 सीटों पर जीत हासिल कर पाई। बीजेपी राज्य में भले ही सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। लेकिन राज्य में सरकार बना पाने में नाकाम रही है।

3. शुरू हुई लोकसभा चुनाव की सुगबुगाहट

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद इस वर्ष मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मिजोरम में भी विधानसभा चुनाव होने हैं और अगले साल के शुरुआती महीनों में लोकसभा चुनाव की गहमागहमी शुरू हो जाएगी।

ये विधानसभा चुनाव बीजेपी और कांग्रेस के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इसी से आने वाले लोकसभा चुनाव का अंदाजा लगाया जायेगा की क्या बीजेपी का जादू 2019 में चलेगा या नहीं।

निष्कर्ष:

गौरतलब है की पार्टी में मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट देने में कांग्रेस पार्टी सबसे आगे हैं और सबसे दिलचस्प बात ये हैं की जिस भी सीट से कांग्रेस ने मुस्लिम उम्मीदवार को उतारा है। वहां से उन्हें जीत भी मिलती है। कांग्रेस के अलावा दूसरी पार्टियों ने मुस्लिम उम्मीदवारों पर अपना विश्वास ज्यादा ख़ास नहीं दिखाया है।

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