सीएम योगी की अपने सरकारी आवास पर पूर्व आतंकवादी से की मुलाक़ात, कोर्ट ने भी सुनाई थी सजा

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भाजपा इन दिनों अपनी राजनीति चमकाने के लिए अब एक नई कोशिश करती नजर आ रही हैं, जहां वह समर्थन के लिए संपर्क अभियान चला रही है और इसके तहत पार्टी अध्यक्ष अमित शाह कई क्षेत्रों की हस्तियों सो मुलाकात करने में हैं। इस अभियान के चलते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को फिल्म अभिनेता संजय दत्त से मुलाकात की। कानपुर में फिल्म की शूटिंग कर रहे संजय दत्त, योगी के आवास लखनऊ में ही उनसे मिलने पहुंच गए।

यूपी के सीएम योगी और संजय दत्त की मुलाकात

इस मुलाकात के दौरान संजय दत्त मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर करीब आधा घंटा ठहरे। वहीं इनकी मुलाकात की चर्चा सोशल मीडिया पर भी काफी की जा रही है। क्योंकि योगी आदित्यनाथ की छवि की बात करें या फिर अभिनेता संजय दत्त की दोनोंं ही काफी विवादित रही हैं।

लोकसभा चुनाव 2019 से पहले ही भाजपा ने अपने लोकप्रियता पर बढ़ रहे खतरे को देखते हुए यह संपर्क फॉर समर्थन अभियान शुरू किया है। जहां इस भाजपा के इस मिशन में पार्टी के सभी नेता फिल्मी हस्तियों से मुलाकात कर उनसे समर्थन मांगने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पहले नीतिक गडकरी सलमान व सलीम खान से और अमित शाह भी माधुरी दीक्षित से मुलाकात कर चुके हैं।

सीएम योगी और संजय दत्त के बीच हुई मुलाकात में आने वाले लोकसभा लोकसभा चुनाव को देखते हुए योगी ने संजय दत्त से भाजपा पार्टी के लिए समर्थन मांगा है।

संजय दत्त के आतंकवादियों के साथ रिश्तों को भुला नहीं जा सकता

जहां यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अभिनेता संजय दत्त से मुलाकात की हैं वहीं इस बात को कैसे भूलाया जा सकता है कि यह वही अभिनेता है जिन्होंने देश के साथ गद्दारी की है। भले ही वह अपनी सजा काटकर जेल से आ चुके हैं, लेकिन इस बीच जो देश के मासूल लोगों को नुकसान हुआ हैं वह भूला पाना आसान नहीं है।

आपको बता दें कि मुबंई में हुए 1993 के धमाकों में संजय दत्त भी शामिल थे, इसके साथ ही उनके अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के साथ कनेक्शन होने की भी कई चर्चा रही हैं। ऐसे में योगी को जरा भी इस बात का अंदाजा नहीं आया कि एक जिम्मेदार पद पर होने के नाते असमाजिक तत्वों में शामिल रहे संजय दत्त के साथ वह कैसे यह औपचारिक मुलाकात कर सकते हैं।

जिम्मेदारी नहीं केवल वोट बैंक पर ध्यान देना जानती है भाजपा

बात वहीं आती हैं भाजपा की राजनीति वोट व जीत के लिए पार्टी की भूख कुछ इस कदर है कि वे सही व गलत में फर्क करने के बजाय केवल अपना वोट बैंक सुरक्षित करना चाहते हैं।


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