जानिए, कांग्रेस के वकीलों के वो कौन से तर्क थे, जिनके सामने भाजपा वालों ने घुटने टेक दिए

जब कोर्ट में भी कांग्रेस के सामने भाजपा की बोलती हो गई बंद

कर्नाटक के चुनावी नतीजे सामने आने के बाद से ही सत्ता का जो संघर्ष विराम शुरु हुआ है उसे देखते हुए दोनों दलों में सरकार बनाने का एक जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला था।

कर्नाटक में सत्ता पाने के संघर्ष पर नहीं लगा है विराम

 

सत्ता के लिए चल रहे इस संघर्ष में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई की और कहा है कि 24 घंटे के अंदर येदियुरप्पा बहुमत साबित करें।

सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर आज फिर दोबारा सुनवाई की थी, जिसमें कांग्रेस और जेडीएस ने राज्यपाल वजुभाई वाला द्वारा येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्योता दिए जाने को खुली चुनौती दी थी।

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इस पर कांग्रेस की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी ने बात रखी, वहीं बीजेपी की ओर से मुकुल रोहतगी पेश हुए और उन्होंने दलीलें दी थी।

तीन जजों की बेंच को इस दौरान जस्टिस सीकरी लीड कर रहे थे, पूरे मामले में किसने क्या तर्क दिया और इस पर अदालत ने क्या कहा?

जानिए सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान कांग्रेस पक्ष से दी गई खास दलीलें

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मुकुल रोहतगी –

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बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है, नंबर दो और तीन के दल काफी पीछे। कांग्रेस-जेडीएस का गठबंधन अनैतिक है

अभिषेक मनु सिंघवी-

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नतीजे से पहले बहुमत का दावा राज्यपाल कैसे दे सकते हैं न्योता? जबकि बीजेपी ने आंकड़ा नहीं दिया।

जस्टिस सिकरी-

अगर दो पार्टियां दावा कर रही हैं तो किस आधार पर राज्यपाल फैसला ले सकते हैं।

मुकुल रोहतगी-

ये गवर्नर के विवेक पर आधारित फैसला लिया है।

अभिषेक मनु सिंघवी –

ये तय करना है होगा कि क्या राज्यपाल इस तरीके से काम कर सकते हैं?

जस्टिस सीकरी

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हम लोग कल ही बहुमत परीक्षण का प्रस्ताव दे सकते हैं।

मुकुल रोहतगी –

बहुमत साबित करने के लिए एक हफ्ते का वक्त दिया जाना चाहिए।

कपिल सिब्बल-

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शक्ति परीक्षण तुरंत हो।

अभिषेक मनु सिंघवी-

विधायकों को सुरक्षा दी जाए, शक्ति परीक्षण के दौरान वीडियोग्राफी हो।

अभिषेक मनु सिंघवी-

राज्यपाल कैसे बीजेपी को बहुमत साबित करने का मौका दे सकते हैं जबकि कांग्रेस-जेडीएस के पास पूरी संख्या है?

जस्टिस सीकरी-

या तो आप कानून मानें या फिर कल शक्ति परीक्षण होने दें, आप तय करें।येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण पर विचार किया जाए या बीजेपी 24 घंटे के अंदर बहुमत साबित करे, ये दो विकल्प दिए।

मुकुल रोहतगी-

15 दिन का समय बहुमत के लिए दिया गया है तो 15 दिन दिया जाना चाहिए, 24 घंटे बहुत कम समय है।

अभिषेक मनु सिंघवी-

हमारे विधायकों को सुरक्षा दी जाए, फ्लोर टेस्ट की वीडियोग्राफी हो।

सुप्रीम कोर्ट अब मामले पर कल शाम 4 बजे सुनाएगा फैसला

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इस तरह अदालत में दोनों पक्षों के बीच बातचीत होने के बाद सुप्रमी कोर्ट ने फैसला सुनाया कि कल 4 बजे शक्ति परीक्षण किया जाएगा।

विधायकों को पूरी सुरक्षा होनी चाहिए, मुख्यमंत्री कोई नीतिगत फैसला नहीं ले सकते हैं, जब तक फ्लोर टेस्ट नहीं हो जाता है।

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