अभी-अभी : राहुल गाँधी के प्लेन में गड़बड़ी, राजनीती में मचा हड़कंप

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सिर्फ थोड़ी सी लापरवाही की वजह से इसी साल अप्रैल महीने से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की जान जा सकती थी. महज 15 सेकंड का वक्त रह गया था राहुल गांधी और मृत्यु के बीच में.

आप भी जानकर हैरत में पड़ जाएंगें कि किस तरह से राहुल गांधी का विमान हवा में हिचकोले खाने लगा था. पायलट की सूझ बुझ की वजह से आज राहुल गांधी हमारे बीच में हैं.

1. मानवीय चुक की वजह से हुआ ऐसा

मामला 26 अप्रैल का है. कर्नाटक में विधानसभा चुनाव चल रहे थें. राहुल गांधी कांग्रेस के स्टार प्रचारक की हैसियत से अपने पार्टी की कमान संभाले हुए थें. हुबली जाने का कार्यक्रम था.

राहुल का विमान में अचानक से कोई गड़बड़ी सामने आई और विमान आसमान में ही हिचकोले खाने लगी. पायलटों ने बेहद तेज दिमाग से काम लिया और किसी तरह विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करा दी.

2. जांच में सामने आया यह तथ्य

राहुल गांधी के विमान की इमरजेंसी लैडिंग के मामले में तत्काल नागरिक विमानन निदेशालय ने जांच कमिटी का गठन कर दिया. इस जांच कमिटी ने अपनी रिपोर्ट देते हुए कहा कि राहुल गांधी का चार्टड प्लेन अचानक एक तरफ से झुकने लगा था.

उसमें से आवाजें आने लगी थी. प्लेन ऑटो पायलट मोड पर चल रहा था. इसमें कुछ मानवीय चुक जैसी चीज सामने आ रही है.

3. कांग्रेस ने जाहिर किया साजिश का शक

वहीं इमरजेंसी लैंडिंग की इस घटना को कांग्रेस ने मजबूती से लिया है. कांग्रेस अध्यक्ष के करीबी कौशल विद्यार्थी ने इसमें साजिश की संभावना देखते हुए डीजीसीए से मांग की थी कि इसकी त्वरित जांच की जाए.

उन्होंने इस मामले को लेकर कर्नाटक के डीजीपी नीलमणि एन राजू को पत्र लिख कर मामले के खुलासे की मांग की थी.

4. पुलिस ने लिया तत्काल एक्शन

राहुल गांधी के करीबी कौशल विद्यार्थी के इस पत्र के मिलते हीं कर्नाटक पुलिस ने बिना वक्त गंवाए मामले की जांच शुरु कर दी. हुबली धारवाड़ प्रक्षेत्र की पुलिस उपायुक्त रेणुका सुकुमार ने बताया

कि वीआईपी सुरक्षा से जुड़े मामले की गंभीरता को देखते हुए आईपीसी कि विभिन्न धाराओं के तहत लापरवाही बरतने का मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी गई है.

5. राहुल की सुरक्षा पुलिस के लिए चुनौती

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के पिता राजीव गांधी और दादी इंदिरा गांधी कि जिस तरह से हत्या कर दी गई थी, उसके बाद से गांधी परिवार के लोगों को एसपीजी की विशेष सुरक्षा मुहैया कराई जाती है. राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर भी गृह मंत्रालय बेहद चौकस रहता है.

निष्कर्ष :

पुलिस विभाग एवं डीजीसीए को चाहिए कि संयुक्त रुप से इसकी जांच कर देश को सच से अवगत कराएं. राहुल गांधी भारत के लिए किसी संपदा से कम नहीं है.


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