कर्नाटक में अगर कांग्रेस और जेडीएस की सरकार बनती हैं तो 2019 में पक्का हारेगी बीजेपी

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कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दावा किया था कि यहां पर BJP अपना सिक्का जमाने में कामयाब नहीं हो पाएगी। चुनावी नतीजे सामने आने के बाद कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। हालांकि अब ये दोनों राजनीतिक दल एक दूसरे के साथ खड़े हैं और बीजेपी को सत्ता में रोकने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।

बीजेपी ने राज्य में सबसे ज्यादा सीटें हासिल की हैं जिसकी संख्या 104 है जबकि कांग्रेस सिर्फ 78 सीटों पर ही कब्जा ज़माने में कामयाब हो पाई है। वहीँ जेडीएस को सिर्फ 38 सीटें ही मिल पाई। हालांकि कांग्रेस में जेडीएस को समर्थन देकर कर्नाटका में सरकार बनाने का दावा पेश किया।

बीजेपी के खिलाफ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ेंगे कांग्रेस-जेडीएस

सिद्धारमैया और जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी के बीच वैचारिक मतभेद होने के बावजूद पूर्व मुख्य्मंत्री ने उन्हें समर्थन देने की पेशकश रखी।  कांग्रेस और जेडीएस राज्य में बहुमत से सरकार बना सकती थी अगर कर्नाटक के राज्यपाल उन्हें बहुमत पेश करने का मौका देते।

लेकिन ऐसा नहीं हुआ उन्होंने कांग्रेस जेडीएस से पहले BJP को आमंत्रित किया आज सुबह बीएस येदिरुप्पा ने राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण कर ली है जबकि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें कल सुबह तक उन्हें समर्थन देने वाले 112 विधायकों की लिस्ट पेश करने के लिए कहा है। गौरतलब है की कर्नाटक की सत्ता पर बीएस येदियुरप्पा काबिज हो चुके हैं और एक बार फिर बीजेपी की सरकार बनी है हालांकि बीजेपी को बहुमत से 8 सीटें कम हैं।

कांग्रेस जेडीएस मिलकर कर्नाटक विधानसभा चुनावी दंगल में उतरते तो आज उन्हें

वहीं कांग्रेस जेडीएस मिलकर बीजेपी पर हमलावर हो रहे हैं। राजनीति विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कांग्रेस जेडीएस मिलकर कर्नाटक विधानसभा चुनावी दंगल में उतरते तो आज उन्हें सत्ता के लिए इस तरह से संघर्ष नहीं करना पड़ता। अगर यह दोनों दर एक साथ होते तो बीजेपी को 104 नहीं बल्कि 70 से कम सीटें हासिल होती जबकि यह दोनों दल गठबंधन में डेढ़ सौ से ज्यादा सीटें ले सकते थे।

इनके लिए BJP को मात देना हो सकता है बहुत ही आसान साबित 

हालांकि अगर यह दोनों दल अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए गठबंधन करते हैं तो इनके लिए BJP को मात देना बहुत ही आसान साबित हो सकता है। ऐसा भी मुमकिन है कि बीजेपी के खाते में सिर्फ आधा दर्जन सीटें ही आए।

कुछ जानकारों के मुताबिक, जेडीएस और कांग्रेस गठबंधन को मिले प्रतिशत के आधार पर अगर लोकसभा क्षेत्रों के हिसाब से आंकलन करें तो बीजेपी को कर्नाटक में 28 में से केवल 6 सीटों से ही संतोष करना होगा। जबकि 2014 के लोकसभा चुनाव में कर्नाटक में 17 सीटें जीतने में सफल रही है। जबकि वर्तमान मत प्रतिशत के आधार पर कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के खाते में 22 सीटें जा सकती हैं।


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