उत्तर प्रदेश नगर पालिका चुनाव में AIMIM पार्टी का एक तरफ़ा जलवा, पढ़े क्या रहे परिणाम ?

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जैसा सभी जानते हैं कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एइएमइएम) पार्टी को लगभग यूँ तो देश की राजनीति में लगभग 80 वर्ष से भी ज्यादा का समय हो चला है.

AIMIM सालों से उठाती रही हैं मुसलमानों के हक़ के मुद्दे 

सालों पहले इस संगठन की शुरुआत एक धार्मिक और सामाजिक संस्था के रूप में हुई थी लेकिन शायद ही किसी ने कभी सोचा होगा कि ये मुस्लिम संगठन सालों बाद एक ऐसी राजनैतिक शक्ति बन जाएगा जिसका नाम हैदराबाद के इतिहास का एक अटूट हिस्सा बनकर उभरेगा.

हमेशा से ही मुसलमानों के हक़ के लिए सरकारों से लड़ने वाली इस पार्टी का चेहरा करीब पांच दशकों से असदुद्दीन ओवैसी ही रहे हैं.

जिनका बेबाक अंदाज और मजबूत छवि समय के साथ इतनी बढ़ चली है कि अब हैदराबाद पर पूरी तरह उसी का नियंत्रण है.

तेजी से देशभर में बढ़ रही हैं पार्टी की लोकप्रियता

मुसलमानों की इस पार्टी ने जिस तेजी से तरक्की की उसके चलते ही विधानसभा में उस के सदस्यों की संख्या बढ़ कर 7 हो गई है, जबकि विधान परिषद में उस के दो सदस्य हैं.

इतना ही नहीं हैदराबाद लोकसभा की सीट पर साल 1984 के बाद से ही इस पार्टी ने अपना कब्ज़ा बरकरार रखा हुआ है और इस समय हैदराबाद के मेयर भी इसी पार्टी के है.

हमेशा से ही जहाँ हर पार्टी केवल चुनाव के समय खुद को मुसलमानों की पार्टी कहती हैं वहीं AIMIM को हमेशा से ही मुस्लिम राजनैतिक संगठन या मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधि के रूप में देखा जाता रहा है.

देश के मुसलमान बड़ी हद तक इसी पार्टी का समर्थन करते रहे हैं शायद इसी समर्थन के चलते ही आज ये पार्टी हैदराबाद के बाहर भी अपनी जीत का परचम लहराने में कामियाब हो रही है.

यूपी में अपनी किस्मत आज़माने चुनाव में उतरी ओवैसी की पार्टी

जी हाँ इसी विश्वास के बल पर ओवैसी की पार्टी ने उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव में अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे.

यूपी निकाय चुनाव में अपनी पार्टी की जड़ें जमाने में जुटे ओवैसी ने अपने उम्मीदवारों को जीत दिलाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी.

प्रचार के दौरान उन्होंने विपक्षी दलों को देश में मुसलमानों की स्थिति और खुद पर लगने वाले तमाम आरोपों पर बहस करने की खुलेआम चुनौती तक देते हुए सबसे ज्यादा बीजेपी की हालत खराब कर दी थी.

ऐसे में अब जब यूपी निकाय चुनाव के नतीजे सामने आए तो ये बात पक्के तौर पर साबित हो गई कि वाकई ओवैसी की पार्टी की लोकप्रियता दिन-पर-दिन देशभर में बढ़ती जा रही है.

उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव में AIMIM ने हांसिल की 29 सीटें

जानकारी के लिए बता दें कि उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव में बीते शुक्रवार को घोषित नतीजों में मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) ने 29 सीटों पर जीत दर्ज करते हुए योगी सरकार को बड़ा झटका दे दिया है.

ओवैसी की पार्टी ने इन चुनावों में अपने 78 उम्मीदवारों पर दाव खेला था. परिणामस्वरूप पार्टी ने फिरोजाबाद में 11 सीटें और महुल आजमगढ़ में तीन सीटें अपने नाम कर ली है.

असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई वाली पार्टी ने संभल, अमरोहा, मेरठ और बागपत में दो-दो सीटें और डासना गाजियाबाद, कानपुर, बिजनौर, इलाहाबाद और सीतापुर में एक-एक सीट पर जीत दर्ज की है.

ओवैसी ने यूपी की जनता का किया धन्यवाद

AIMIM सूत्रों की माने तो फिरोजाबाद में मेयर के चुनाव में पार्टी ने दूसरा स्थान हासिल किया है.

बता दें कि पार्टी की उम्मीदवार मशरूम फातिमा ने 56,536 मतों के साथ, समाजवादी पार्टी को तीसरे स्थान पर धकेल दिया.

याद हो तो चुनाव प्रचार के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने उम्मीदवारों पर भरोसा दिखाते हुए कहा था कि,

“राज्य में पार्टी अपने नेताओं और सदस्यों की कड़ी मेहनत के कारण सीटें जीत सकती है.”

ऐसे में अब जब उनकी पार्टी ने इतनी सीटे अपने काम की तो उन्होंने पार्टी का समर्थन करने के लिए मतदाताओं को धन्यवाद दिया.

निष्कर्ष

गौरतलब हैं कि बीते साल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में यही AIMIM अपना खाता खोलने में असफल रही थी. लेकिन अब 29 सीटें अपने नाम कर पार्टी ने दिखा दिया कि देश की जनता खौसतौर पर मुस्लिम मतदाताओं का रुझान पार्टी की तरफ तेजी से बढ़ रहा है.

story source: https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/mim-bags-29-seats-in-uttar-pradesh-municipal-election/articleshow/61882806.cms


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