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आधार कार्ड की जानकारी सार्वजनिक करना सुरक्षित है या नहीं, इस मामले को लेकर पूरे देश में एक बड़ी बहस खड़ी हो चुकी है। गौरतलब है कि सरकार द्वारा जारी किए गए आदेश के बाद देश की ज्यादातर जनता अपने मोबाइल और बैंक खातों को आधार से लिंक करवा चुकी है। आधार कार्ड को अपने मोबाइल और बैंकों से लिंक करवाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में केस चल रहा है।

1. सोशल मीडिया पर छिड़ी आधार वार

आधार कार्ड के जरिये आपकी निजी डिटेल्स हैक की जा सकती हैं। इसका सबूत खुद ही भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के अध्यक्ष आर. एस. शर्मा ने दे डाला है। दरअसल सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर उनसे एक यूज़र ने उनका आधार नंबर सार्वजानिक करने का चैलेंज किया।

2. TRAI अध्यक्ष ने दिया आधार हैक करने का चैलेंज

जिसके जवाब में आर एस शर्मा ने भी अपना आधार नंबर शेयर करते हुए सोशल मीडिया यूज़र को चैलेंज कर डाला कि मैंने अपना आधार नंबर तुम्हे दे दिया है, अब तुम मेरी निजी जानकारी को नुक्सान पहुंचा कर दिखाओ। जैसे ही आर एस शर्मा ने अपनी आधार जानकारी को सार्वजनिक किया उसके कुछ ही मिनटों में इलियट एल्डरसन नाम के एक ट्विटर यूज़र्स, जोकि एक फ्रांस के एक सुरक्षा विशेषज्ञ का ट्विटर हैंडल है।

3. आधार से हैक की गई TRAI अध्यक्ष की निजी डिटेल्स

इलियट ने  आधार के जरिए आर एस शर्मा की सारी विधि डिटेल निकाल ली और सोशल मीडिया पर उन्हीं के ट्वीट में जवाब देते हुए शेयर कर डाली।  इस जानकारी में आर एस शर्मा का निजी पता फोन नंबर डेट ऑफ बर्थ, पैन कार्ड, वाहट्सएप्प पर लगी तस्वीर तक शामिल है। इसके साथ ही इलियट ने लिखा कि आधार संख्या सुरक्षित नहीं है। इसके जरिए आपका निजी पता फोन नंबर और काफी जानकारी निकाली जा सकती है।

4. आधार परियोजना के सबसे बड़े समर्थक हैं आर एस शर्मा

इसके साथ उन्होंने आर एस शर्मा को यह सलाह भी दी की आधार संख्या सार्वजनिक करना सही विचार नहीं है। उम्मीद करता हूं कि आप समझ गए होंगे। हालांकि आर एस शर्मा अभी भी यह मानने को तैयार नहीं है कि आधार संख्या सार्वजनिक करना किसी को निजी नुकसान पहुंचा सकता है। गौरतलब है कि वह आधार परियोजना के सबसे बड़े समर्थकों में से एक माने जाते हैं।

निष्कर्ष:

आधार लीक मामले के बाद देश की आम जनता को अपनी निजता को लेकर डर बना हुआ है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में केस चल रहा है।

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