हार के भी जीत गए तेजस्वी यादव, नितीश भाजपा हैरान - वायरल इन इंडिया - Viral in India - NEWS, POLITICS, NARENDRA MODI

हार के भी जीत गए तेजस्वी यादव, नितीश भाजपा हैरान

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और लालू प्रसाद के छोटे बेटे तेजस्वी यादव लगातार बीजेपी, सीएम नीतीश और सुशील मोदी पर हमलावर दिखाई देते है.

तेजस्वी यादव नीतीश और मोदी सरकार पर हमला करने का नही छोड़ते मौका

अपने ऊपर बीजेपी द्वारा लगाए गये सभी आरोपों के बावजूद भी तेजस्वी अक्सर फ्रॉन्ट में आकर सरेआम नीतीश और मोदी सरकार पर हमला करने से नहीं चुकते है.

जैसा सभी ने देखा कि 28 जुलाई को नीतीश कुमार और एनडीए के गठबंधन वाली बीजेपी सरकार ने विश्वास मत हासिल किया.

लेकिन बावजूद इसके चर्चा का विषय लालू प्रसाद यादव के छोटे सपूत तेजस्वी यादव ही बने रहे.

विधानसभा में तेजस्वी ने जिस कदर विपक्षियों पर प्रभावशाली भाषण दिया उसे सुनकर बीजेपी के एक वरिष्ट नेता को भी कहना पड़ा कि तेजस्वी से ऐसे भाषण की उम्मीद नहीं थी.

तेजस्वी का बेबाक भाषण सुनकर विरोधियों की उड़ गई थी नींद

अपने भाषण के दौरान तेजस्वी यादव ने नीतीश को घेरते हुए कई मुद्दों का जिक्र किया.

पूर्व मुख्यमंत्री ने पूछा कि,

“भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने के पीछे उनकी मंशा क्या है?”

तेजस्वी ने नीतीश के इस कदम को लोकतंत्र की हत्या तक बताते हुए NDA पर प्रहार किया.

चुकी तेजस्वी यादव को विपक्ष का नेता चुना गया था इसलिए सबसे पहले उनको ही बोलने का मौका मिला.

कहा था: “NDA के लिए मैं अकेला ही काफी हूँ”

तेजस्वी ने अपनी समझदारी का नमूना उस वक्त भी दिया जब भाषण के दौरान आरजेडी नेता ललित यादव और भाई बीरेंद्र सिंह नीतीश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे थे, जिस दौरान तेजस्वी ने उनसे कहा कि “आप शांति से बैठ जाइए, इनके लिए मैं अकेला काफी हूं.”

नीतीश कुमार को बॉस शब्द से संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि,

“आपके पास 91 एमएलए थे बॉस. ऐसे में क्या उनको शपथ लेते हुए शर्म नहीं आई?”

नीतीश की मंशा पर उठे सवाल

गौरतलब हैं कि बीजेपी नेताओं ने तेजस्वी के इस बयान पर अपना विरोध दर्ज करवाया, लेकिन तेजस्वी ने साफ कहा कि ऐसा बोलने में कुछ गलत नहीं है.

इसके बाद तेजस्वी यादव का नीतीश कुमार पर हमला लगातार बढ़ता रहा, उन्होंने कहा कि,

“आप ‘हे राम’ से ‘जय श्री राम’ की तरफ बढ़ चले हैं. जो कोई भीड़ द्वारा मारपीट और बीजेपी के खिलाफ बोलता है उसे एंटी नेशनल कहा जाता है, लेकिन अब आप (नीतीश) राष्ट्रवादी हो गए हैं. वैसे तो नीतीश विपक्ष की एकजुटता की बात करते थे लेकिन सोनिया गांधी की मीटिंग में जाने की जगह वह पीएम मोदी के डिनर में पहुंचे थे.”

निष्कर्ष

जिस तरह एक 28 साल के युवा लड़के ने बीजेपी और उसके गठबंधन वाली NDA की नाक में दम करके रखा हैं उसे देख ऐसा ही लगता हैं कि 2019 में बीजेपी की राह बेहद मुश्किल या यूँ कहे काटों भरी होने वाली है. लालू प्रसाद को भले ही जेल भेजकर बीजेपी अपनी पीठ थप-थपा रही हो लेकिन जिस तरह तेजस्वी यादव और तेज प्रताव यादव बीजेपी और NDA पर लगातार हमलावर हैं उसने राज्य में नीतीश और मोदी की नींद उड़ा रखी है.

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