ताजमहल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार को लताड़ा, कहा- अगर तुम्हारा बस चले तो….

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उत्तर प्रदेश के आगरा में स्थित ताजमहल के संरक्षण के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भारत पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और केंद्र सरकार पर कड़ा रुख अपनाते हुए फटकार लगाई है। दरअसल दुनिया के सात अजूबों में ताजमहल पर लगातार काई और गंदगी जमा हो रही है। जिससे ताजमहल की सुंदरता को नुक्सान पहुंच रहा है।

1. ताजमहल मामले में SC ने केंद्र सरकार को लगाई लताड़



[Conti]

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए पूछा है कि अगर एएसआई ताजमहल को साफ़ सुथरा नहीं रख सकता तो इस बारे में विचार करने की जरूरत है कि उसे ताजमहल के संरक्षण का काम दिया जाए कि नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने ताज पर काई, कीड़े मकौड़े और टूरिस्ट के गंदे जुराब से हो रहे नुकसान की दलीलों को नकारते हुए कोर्ट ने पूछा है कि ताजमहल पर काई उड़ कर कैसे चिपक सकती है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि या तो ताजमहल का बचाव करे, या फिर इसे बंद कर दें।

2. सही ढंग से काम नहीं कर रही एएसआई


गौरतलब है कि ताजमहल के संरक्षण मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले ताजमहल का रंग सफेद से पीला और पीले से भूरा होने पर चिंता व्यक्त करते हुए देश विदेश के विशेषज्ञों से इस पर विचार विमर्श करने का आदेश दिया था। कोर्ट का कहना है कि अगर एएसआई ने सही ढंग से ताजमहल को संरक्षित किया होता तो आज ये हालात नहीं होते।

निष्कर्ष: सुप्रीम कोर्ट द्वारा ताजमहल की स्थिति पर चिंता जताने के बावजूद एएसआई और बीजेपी की सरकार इसके संरक्षण के लिए कोई अहम कदम नहीं उठा रहे हैं। जो कि शर्मनाक है, क्योंकि दुनिया के सात अजूबों में शुमार ताजमहल को दुनियाभर से टूरिस्ट देखने के लिए आते हैं।


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