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हाल हीं में महागठबंधन का दामन छोड़ भाजपानीत एनडीए में शामिल हुए बिहार के सीएम और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने भाजपा को बड़ा झटका दे दिया है.

दो दिन पूर्व संपन्न हुए जदयू की राष्ट्री कार्यकारिणी में पार्टी ने बिहार छोड़कर सभी राज्यों में भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला किया है. पार्टी बिहार छोड़कर देश के बाकी सभी प्रदेशो में भाजपा के विरोध में चुनाव लड़ेगी और वोट मांगेगी.

1. पटना आने से पहले अमित शाह के लिए चेतावनी

बताते चलें कि 12 जुलाई को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पटना आने वाले हैं. सीट शेयरिंग के मुद्दे पर उनकी नीतीश कुमार के साथ बैठक है. इसको लेकर पहले ही जदयू ने भाजपा को सख्त संदेश दे दिया है कि यह मत समझिए कि हम आपके सामने सरेंडर करने वाले हैं.

जदयू ही बड़े भाई की भूमिका में रहेगी, जबकी बिहार में जदयू के पास लोकसभा की 02 सीटें और भाजपा के पास 22 सीटें है.

2. मुमकिन नहीं कि हर राज्यों में गठबंधन हो


नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षा इस कदर हिलोरे मार रही है कि वो स्वयं को राष्ट्रीय नेता और जदयू को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिलाने के लिए हर जगह चुनाव लड़ने को आतुर है.

चाहे उस प्रदेश में उनका 01 फीसदी वोट शेयर हो न हो. इसके पहले जदयू ने कर्नाटक और गुजरात का विधानसभा चुनाव लड़ा तो शर्मनाक नतीजे आए थें. उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई जरुरी नहीं कि हम हर राज्य में गठबंधन कर चुनाव लड़ें.

निष्कर्ष : रामविलास पासवान मौसम वैज्ञानिक और नीतीश कुमार पल्टूराम के नाम से भारतीय राजनीति में कुख्यात हो चुके हैं. ये कब किस ओर पाला बदल कर चल दें, भगवान भी नहीं जानतें.


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