नवाज़ शरीफ की बीवी को साडी भेजने वाले मोदी ने देश में हुए बलात्कारों पे क्या बोला…? पढ़िए

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यूँ तो सत्ताधारी बीजेपी को सत्ता में करीब 4 साल से भी ज्यादा का वक्त हो चला हैं लेकिन पिछले कुछ सालों से देश के राज्यो में दिल दहलाने वाली घटनाओं ने देश को झकझोर दिया है.

चाले फिर वो देश के अलग-अलग राज्यों में मासूम बच्चो की मौत की घटना हो, किसानों की समस्या हो, या रेप की घटनाएँ हो.

मन की बात करने वाले पीएम गंभीर घटनाओं पर रहते हैं मोन

इन सबके बीचे एक बात जो समान हैं वो ये हैं कि सभी घटनाओं के दौरान जहाँ देशभर में आक्रोश देखने को मिला तो वहीं देश के प्रधानमंत्री की ओर से किसी भी घटना के संदर्भ में एक शब्द नही सामने आया.

सबसे बड़ा उदाहरण बीते साल गोरखपुर BRD हॉस्पिटल में देखने को मिला जहाँ कितने बच्चो की मौत हुई लेकिन प्रधानमंत्री कुछ बयान देने और इस मुद्दे पर कार्रवाई करने की बात को अनदेखा करते हुए विदेश घूमते नज़र आए.

उसके बाद भी जब बिहार मुज़फ़्फ़रपुर में नशे में धुंध बीजेपी नेता ने 19 लोगो को अपनी तेज रफ़्तार बोलेरो से रौंदा जिसमे ज्यादार स्कूली बच्चे थे और उनमें 9 बच्चो को अपनी जान भी गवानी पड़ी थी लेकिन इसपर भी हमारे प्रधानमंत्री मोदी मौन रहे.

बच्चो की मौत पर चुप रहने वले मोदी श्री देवी की मौत पर रोए

लोगों का खून उस वक्त खौल जाता हैं जब प्रधानमंत्री देश के मुद्दों पर बोलने की बजाय बेहद स्वार्थी नज़र आते हैं.

इसी का उदाहरण उस वक्त भी देखने को मिला जब प्रधानमंत्री बच्चों की मौत पर हमेशा की तरह चुप रहते हुए अभिनेत्री श्री देवी की मौत पर दुःख व्यक्त करने से खुद को नहीं रोक पाए.

ऐसे में जाहिर है देश का प्रधानमंत्री जो हमेशा मासूमों की मौत पर चुप रहता था उसकी ओर से जब श्री देवी की मौत पर भावुक भरा ट्वीट आया तो मानो देश की जनता का खून खौल गया.

इसी तरह हाल ही में जब देश कठुआ और उन्नाव गैंगरेप जैसी दुखद घटनाएँ सामने आई तो बीजेपी समेत प्रधानमंत्री मोदी ने मोन रहना ही ठीक समझा.

कठुआ और उन्नाव काण्ड पर बीजेपी को सुंग गया सांप

जी हाँ ये दोनों ही घटनाएँ उन राज्यों में घटी जहाँ बीजेपी की सरकार है.

एक घटना में तो आरोपी भी खुद बीजेपी पार्टी का ही विधायक हैं जिसपर उन्नाव में एक महिला का अपने भाइयों संग गैंगरेप और पीड़िता के पिता की हत्या का आरोप लगा हैं.

तो वहीं दूसरी घटना में जम्मू के मुस्लिम समुदाय की एक 8 वर्षीय मासूम के साथ 7 दिन तक गैंगरेप और फिर हत्या करने के मामले के सामने आने के बाद बॉलीवुड जगत तक अपनी तीखी प्रतिक्रिया देता नज़र आ रहा है.

दोनों ही घटनाओं पर जहाँ देशभर के लोग शोक व्यक्त कर रहे हैं तो वहीं इन मामलों में भी “बेटी बचाओ-बेटी पढाओं” का नारा देने वाली बीजेपी के सभी मंत्री-नेता चुप्पी साधे हुए है.

निर्भया काण्ड पर कांग्रेस पर हमला बोलने वली बीजेपी आज हैं चुप

बीजेपी की चुप्पी को देखते हुए कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल बीजेपी पर जमकर निशाना साध रहे है.

कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में बीजेपी के शासन को ‘रावणराज’ तक का नाम दे डाला है. लेकिन बावजूद इसके बीजेपी मोन है.

अगर याद हो तो उस बात को भी ज्यादा अर्सा नहीं हुआ जब केंद्र में यूपीए के शासन के दौरान निर्भया रेप केस हुआ था.

जिसको लेकर जनाक्रोश के बीच बीजेपी महिला सुरक्षा को लेकर मनमोहन सरकार पर हमले करते नहीं थकती थी.

2014 लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान बीजेपी ने नारा भी दिया था- ‘बहुत हुआ महिलाओं पर अत्याचार, अबकी बार मोदी सरकार’.

बीजेपी की महिला मंत्री भी बोलने से बच रही हैं

निर्भया रेप केस पर आक्रोश जताने के लिए बीजेपी की ओर से तब सड़कों पर जो महिला चेहरे उतरे थे, अब वो ऐसी घटनाओं पर बैकफुट पर नज़र आ रहे हैं.

चाहे फिर वो बीजेपी की मुखर और ओजस्वी वक्ता स्मृति ईरानी हो, या हमेशा ट्वीटर पर सक्रीय रहने वाली मंत्री सुषमा स्वराज.

प्रधानमंत्री के साथ-साथ बीजेपी का हर बड़ा चेहरा घटनाओं पर बोलने की जगह चुप्पी साधे है.

निष्कर्ष

बीजेपी को शायद ये नहीं भूलना चाहिए कि देश भी वही हैं और जनता भी वहीं, जिसने निर्भया काण्ड का बदला लेते हुए चुनाव में कांग्रेस का तख्तापलट कर दिया था. ऐसे में देखना होगा कि कठुआ-उन्नाव काण्ड का बदला क्या जनता 2019 में लेगी.


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