कलाम के बाद एक और मुस्लिम वैज्ञानिक ने बनाया फाइटर प्लेन, दुनिया कर रही सलाम

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गांव में रहने वाले 27 साल के रियासत ने वो कारनाम कर दिखाया है जो लोग शहर में सुख सुविधाओं के बीच नहीं कर पाते हैं। झारखंड के धनबाद में रहने वाले रियासत ने मुश्किल हालातों से गुजरने के बाद ऐसा कमाल कर दिखाया है जो आप हम सोच भी नही सकते। पिता का साया न होने के बाद जिंदगी कितनी मुश्किल हो जाती है वैसे ही रियासत के कंधों पर सारी जिम्मेदारी आ गई और इस बोझ को उठाने के लिए रियासत को अपनी पढ़ाई तक छोड़नी पड़ी।

झारखंड में धनबाद के मोहम्मद रियासत ने कर दिखाया कमाल 

लेकिन कहते हैं न जब किसी के अंदर कुछ कर गुजरने की चाहत होती है तो रास्ते के कांटे भी फूल बन जाते हैं। अपनी मां और घर का खर्चा चलाने के लिए रियासत ने पढ़ाई तो छोड़ दी लेकिन गांव में बिजली मकैनिक के तौर पर काम शुरु कर दिया।

रियासत के दिमाग में कुछ न कुछ खुराफाती तो चलता ही रहता था, जब खाली वक़्त मिलता तो इधर उधर से पुर्जे इकट्ठा कर खिलोने वाली गाड़ियों की स्पीड बढ़ाता रहता, अगर रियासत के कमरे जाकर देखें तो उसके ऐसी कई चीज़े मिले जाएंगी जो उसने खुद बनाई है।

इस तरह ंमिली कुछ अलग करने की प्रेरणा

यूट्यूब ुपर वीडियो देखने के दौरान ही उसने जेट विमान-एफ 22 को उड़ते हुए देखा और ठान लिया कि वो इसको उड़ा कर रहेगा। रियासत के गांव में बिजली की इतनी परेशानी  है कि बल्ब मिलना तक मुश्किल है वहां इतना बड़ा प्रोजेक्ट बनाने के बारे में सोचना भी पागलपन लगता था। लेकिन फिर भी जाने कहां से पुर्ज़ों को इकट्ठा किया, गांव में न जाने किस किस ने उसको पागल कहा, रियासत नहीं रुका ।

देखिये वीडियो:-

8 साल और 35 हजार रुपये खर्च करके उसने खुद से वो चीज़ बना दी जिसे आज के वैज्ञानिक शायद भी नहीं पाए होंगे। एक दिन जब अचानक ही रियासत घर से बाहार निकला अपने सपने को लेकर खुले मैदान में आया सब उसको देख के हंस रहे थे, वो भी मुसकुराया उसके हाथों में एक थर्माकोल था।

गांव वाले लोगों ने उड़ाया था मजाक

एक हाथ मे अपनी हाथों से बनाई हुई चीज लेकर वह खुले मैदान में पहुंच गया, उसके दूसरे हाथ में उस प्रोजेक्ट को कंट्रोल करने वाला रिमोट था, जब तक वह गलियों से निकल कर मैदान तक पहुंचा उसके साथ सिर्फ बच्चो की छोटी सी टोली रह गयी थी।

अपनी टोली के साथ उसने अपने F22 को ऑन किया और ऑन करते ही आवाज शुरु हो गई, इसके बाद उसने रिमोट से उसे कंट्रोल किया और कुछ ही देर में उसकी बनायी चीज 8 साल के लंबे इंतज़ार के बाद उसके सपनों के साथ आसमान पर उड़ रही थी। साथ ही बच्चों के शोर से बाकी का गांव भी इकट्ठा हो गया था।

जब वह हवा में उड़ने के बाद नीचे आया तो हर तरफ तालियों की गड़गड़ाहट थी गांव के हर चौराहे पर गांव के बाशिन्दों की जुबां पर बस एक ही नाम था “रियासत”।

8 साल की मेहनत की पुलिस करेगी जांच 

जहां राजगंज थानाकुल्ही के मोहम्मद रियासत अली की बनाए इस फाइटर जेट विमान एफ-22 की तस्वीर ने देश के वैज्ञानिकों को भी अपना मुरीद बना लिया, वहीं दूसरी तरफ पुलिस प्रशासन ले लिए ये प्रोजेक्ट शक के घेरे में है। पुलिस ने इस मामले में जांच करने का फैसला लिया है।

देखिये वीडियो:-

इलेक्ट्रिकल मैकेनिक रियासत ने आठ सालों के लंबी रिसर्च के बाद दो महीने कड़ी मेहनत से इस फाइटर जेट एफ 22 टाइप का वर्किंग मॉडल बनाया है। दो किलोग्राम वजन और ढाई फीट चौड़ा व ढाई फीट लंबा वर्किंग विमान लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से उड़ान भरता है। यह लगभग 700 फीट की ऊंचाई पर उड़ता है और रिमोट से कंट्रोल होता है।


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