अभी अभी- दिग्गज बीजेपी नेता की लड़की कांग्रेसी के साथ घर से भागी - वायरल इन इंडिया - Viral in India - NEWS, POLITICS, NARENDRA MODI

अभी अभी- दिग्गज बीजेपी नेता की लड़की कांग्रेसी के साथ घर से भागी

आपने अक्सर ऐसे कई मामले सुने होंगे जिसमें लड़का-लड़की प्यार के चलते घरों से भाग जाते हैं लेकिन आज हम आपको ऐसी ही जिस घटना के बारे में बताएँगे उसमें प्यार के साथ राजनीति भी अच्छी-खासी है.

जब बीजेपी के नेता की बेटी को हुआ कांग्रेसी से प्यार

दरअसल, ये अनोखी प्रेम कहानी है भाजपा के पूर्व मंत्री की बेटी की जिसे एक कांग्रेसी नेता से प्यार हो गया है.

इसके अलावा लड़की की जाति भी लड़के की जाति से अलग है जिसके चलते भी ये मामला ख़ासा तूल पकड़ चूका है.

दोनों की जाति अलग होने के चलते 26 साल की इस इंजीनियर लड़की की शादी को लेकर उसके माता पिता तैयार नहीं हो रहे हैं.

लड़की ने तो अपने बीजेपी नेता बाप पर ये तक आरोप लगा दिया हैं कि पिछले हफ्ते उसके पिता ने उसके ऊपर किसी और से शादी करना का दबाव बनाया.

ऐसे में अब अपनी इस शादी को बचाने के लिए लड़की ने दिल्ली के जज से गुहार भी लगाई थी.

डरा हुआ है प्रेमी जोड़ा

लड़की की अपील पर जज ने शादी रद्द करने से तो साफ़ तौर पर इंकार कर दिया लेकिन कोर्ट ने कर्नाटक पुलिस से लड़की को सुरक्षा देने को कहा है.

जैसा सभी जानते हैं कि इन दिनों कर्नाटक में चुनावों का दौर चल रहा है.

ऐसे में इस बीच कर्नाटक की हवाओं से सियासी चर्चाओं से एक तरह ये दिलचस्प प्रेम कहानी सुनने में आ रही है.

इसी बात को ध्यान में रखते हुए नवजुगल अपनी सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित हैं.

और उन्होंने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही अपनी पहचान भी जाहिर नही की है.

कर्नाटक पुलिस ने गंभीरता से शुरू की जांच

जज ने ममाले की गंभीरता को देखते हुए प्रेमी जोड़े को कर्नाटक के सॉलिसीटर जनरल के सामने अपना बयान दर्ज कराने को कहा है.

विधानसभा चुनावों के मौसम में इस अनोखे मसले से कांग्रेस पार्टी को अच्छी-खासी राजनीति माइलेज मिलती दिख रही है.

चुकी जोड़ों की पहचान को गुप्त रखा गया है तो ऐसे में लड़की भाजपा के किस नेता की बेटी है इसका खुलासा नहीं किया जा सकता.

वयस्कों की शादी को लेकर सुप्रीमकोर्ट ने दी थी टिप्पणी

अगर याद हो तो बालिगों के अपनी शादी को लेकर फैसले लेने के अधिकार के संबंध में पिछले ही महीने सुप्रीम कोर्ट ने ये टिप्पणी दी थी कि,

“जीवनसाथी चुनने के मामले में वयस्कों के निर्णयों में किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए.”

यह टिप्पणी सुप्रीमकोर्ट ने हादिया केस की सुनवाई करते हुए दी थी.

जानकारी के लिए बता दें कि हादिया केस में केरल की एक महिला ने धर्म परिवर्तन कर एक मुस्लिम युवक से शादी कर ली थी.

जिसके बाद उसके माता पिता ने हाइकोर्ट में उनकी शादी को अवैध घोषित करने की गुहार लगाई थी.

बाद में हादिया ने हाईकोर्ट को सुप्रीमकोर्ट में चुनौती दी थी.

अब उस मामले में ही सुप्रीम कोर्ट ने शादी को वैध बताया और कहा कि हादिया अपने पति के साथ रह सकती है.

निष्कर्ष

देशभर में हॉनरकिल्लिंग के जिस तरह से रोज़ाना मामले सामने आते हैं उसमें जब सियासत भी आ जाए तो वाकई परिणाम बेहद गंभीर हो सकते है.

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