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वैसे तो गौरक्षकों द्वारा संप्रदाय विशेष के लोगों की पिटाई का मामला सामने आता रहता है लेकिन इस बार मामला थोडा अलग है क्योकि इस बार गौरक्षकों ने पीटा नहीं बल्कि इनकी कायदे से ठुकाई हुई है ! मामला महाराष्ट्र के अहमदनगर का है ! शनिवार कि शाम को यहाँ 50 लोगों कि भीड़ ने श्रीगौंडा के पुलिस स्टेशन के नजदीक ही कुछ गौरक्षकों पर हमला बोल दिया और उन्हें कायदे से धोया !

आखिर क्यों किया भीड़ ने ऐसा?

दरअसल मामला ऐसा है कि इस घटना के पहले ही इन गौरक्षकों ने पुलिस के साथ मिलके एक टैम्पो वाले को इस शक में रोक लिया कि वो गायों को कत्ल करने के लिए ले जा रहा है ! अहमदनगर पुलिस ने बताया कि हमले में सात गौरक्षक भीड़ के गुस्से का शिकार होकर घायल हुए हैं । पुलिस ने हत्या की कोशिश का मामला दर्ज कर लिया है। टेंपो के मालिक वाहिद शेख और ड्राइवर राजू फितरूभाई शेख को महाराष्ट्र पशु संरक्षण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है।

क्या कहा इन गौरक्षकों के मुखिया ने

खुद को ‘मानद पशु कल्याण अधिकारी’ बताने वाले पुणे के शिवशंकर राजेंद्र स्वामी ने इस मामले में बताया कि हर शनिवार को यहाँ कश्ती नाम के गाँव में जानवरों का एक बहुत ही बड़ा और प्रसिद्ध बाज़ार लगता है ! शनिवार कि सुबह वो और 11 गौरक्षक इस बाजार में ये पता लगाने के लिए गये थे कि इस बाज़ार में गायों को अवैध रूप से तो नहीं लाया जा रहा है ! ये स्वामी 24 साल का है और इसके खिलाफ पुणे में गायों की अवैध ढुलाई और वध को लेकर लगभग 300 मुक़दमे दर्ज हैं !

टैम्पो तक कैसे पहुंचे

स्वामी ने आगे बताते हुए कहा कि “हमें जानकारी मिली थी कि एक टेंपो गायों की अवैध तस्करी करता है। हमने पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस की सहायता से उस टेंपो को शाम करीब एक बजे होटल तिरंगा के पास रोक लिया गया। 10 बैल और 2 गायों को बचाया गया। इन्हें अवैध तरीके से हमलावाड़ा के कसाईखाने ले जाया जा रहा था। बाद में हम पुलिस शिकायत दर्ज कराने श्रीगोंडा पुलिस स्टेशन चले गए। भूख लगी थी इसलिए बाहर खाना खाने आए थे, तभी कुछ लोगों की भीड़ हथियार लेकर वहां आ धमकी। हम फिर से पुलिस थाने चले गए।”

स्वामी ने भीड़ पर लगाया आरोप

स्वामी के दिए गये बयान के मुताबिक शाम को तकरीबन ६ बजे 50 लोगों की भीड़ हथियार और पत्थर से लैस होकर आई और उन पर हमला बोल दिया ! ये हमला यकायक था और इसके बारे में स्वामी और उनकी टीम ने सोचा भी नहीं था कि भीड़ के भीतर उनको लेकर इतना गुस्सा होगा तो हमले में बहुत से कार्यकर्ता घायल हो गये ! पता नही इस बात में कितनी सच्चाई है लेकिन स्वामी ने भीड़ पर आरोप लगाते हुए कहा कि हमलावर उसकी सोने कि चैन छीनकर ले गये !

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