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महाराष्ट्र एटीएस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. हिंदुत्ववादी संस्था सनातन के एक पदाधिकारी वैभव राउत के घर से बड़ी संख्या में देसी बम और पिस्तौल बरामद किया गया है. एटीएस ने वैभव के मुंबई स्थित आवास से उसे गिरफ्तार कर लिया है.

धर्म के नाम पर फसाद कराने की तैयारी का मुंबई पुलिस और एटीएस ने पर्दाफाश कर दिया है अन्यथा किसी अनर्थ की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है.

1. जानिए, पूरा मामला

काफी दिनों से मुंबई पुलिस को खुफिया इनपुट मिल रही थी कि लोकसभा चुनाव के पूर्व महाराष्ट्र के कुछ हिंदुवादी संगठन राज्य भर में दंगे फसाद करा सकते हैं. इस का मास्टरमाइंड सनातन संस्था का संगठन मंत्री वैभव राउत है. पुलिस को सूचना थी कि इसके लिए हथियार इकट्ठा किए जा रहे हैं.

मुंबई पुलिस ने तत्काल एटीएस को इसकी जानकारी दी. एटीएस ने सूचना मिलते हीं रणनीति बनाई और जाल बिछाना शुरु कर दिया. एटीएस को जैसे हीं सुराग हाथ लगा उसने वैभव राउत के घर छापेमारी की और बड़ी संख्या में विस्फोटक हाथ लगे. ये विस्फोटक घर में हीं बनें एक तहखाने में छुपा कर रखे गए थें. आश्चर्यजनक बात यह है कि विस्फोटक जमा करने की अभी शुरुआत हीं हुई थी.

2. बम बनाने का सामान भी बरामद

हिंदुवादी संस्थाओं के इस कारनामे का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि उनके घर से न सिर्फ अवैध हथियार और विस्फोटक बरामद हुए हैं बल्कि बाकायदा बम तैयार करने के सामान और बारुद बरामद किए गए हैं. लोकसभा चुनाव से ठीक तीन महीने पहले ये अपने कारनामे को अंजाम दे सकते थें. इनका मकसद महाराष्ट्र में धार्मिक फसाद करवा कर वोटों का ध्रुवीकरण कराना था.

3. लोगों को रहना होगा सचेत

इस बात में कोई शक नहीं कि भारत एक गंगा जमुनी तहजीब, मिल्लत और भाईचारे वाला देश है. यहां सब प्रेम से मिल जुल कर रहना चाहते हैं लेकिन कुछ असामाजिक तत्व जो हर समुदाय में मौजूद हैं, वह इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं है.

रोटी, कपड़ा, मकान की भूख हिंदू को भी है और मुसलमान को भी. कोई फसाद नहीं चाहता.  तल्ख सच्चाई यह है कि कुछ उन्मादी मानसिकता के लोग नेताओं के बहकावे या इशारे पर दंगा फसाद कराते हैं और इससे कुछ खास पार्टियों को लाभ पहुंचाया जाता है. आम आदमी इस चक्कर में पीस जाता है.

याद रहे कि दंगे में नेताओं या उनके परिवार के लोगों को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है. मारा जाता है तो सिर्फ आम आदमी और उनकी रोजी रोटी.

निष्कर्ष :

अभी तक को एटीएस आजाद है क्योंकि इसके अधिकांश अफसर पुरानी सरकारों के तैनात किए हुए हैं लेकिन जिस तरह से अन्य संस्थाओं को गुलाम बनाया जा रहा है, वैसा हीं कुछ एटीएस के साथ हुआ तो भगवान मालिक है इस देश का.

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