अभी-अभी: अंबानी पर टूटा दुखों का पहाड़, हुआ ऐसा ख़ुलासा कि सुनकर नही होगा यकीन

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इन दिनों देशभर की तमाम मीडिया में देश के सबसे बड़े बैंक घोटाले की ही खबरें छाए हुई हैं, जिसकों लेकर सीबीआई और ईडी जगह-जगह पर ताबड़तोड़ कार्रवाई भी कर रही है.

मोदी काल में हुए तीसरे देश के सबसे बड़े घोटाले में आया नया मोड़

अभी तक 1,500 करोड़ के PNB घोटाले के मुख्य आरोपी हिरा व्यापारी नीरव मोदी के ठिकानों पर छापेमारी कर सीबीआई और ईडी ने लगभग 6000 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त कर ली है. लेकिन उसके बाद भी सीबीआई नीरव मोदी पर कार्यवाही करते हुए उसकी संपत्ति को लगातार सील करती जा रही है.

देश की जनता के अरबों रुपयें खाकर नीरव मोदी देश से हुआ फरार

जानकारी के लिए बता दें कि मोदी राज में ये तीसरा मामला हैं जब कोई बड़ा उद्योगपति देश की गरीब जनता के अरबों रुपयें खाकर देश से फ़रार हो गया हैं. नीरव मोदी के इस बड़े घोटाले के सामने आने के बाद से ही तुरंत सीबीआई दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करती नज़र आ रही है.

PNB घोटाले में सीबीआई को मिली बड़ी कामियाबी

उल्लेखनीय है कि ये घोटाला सामने आने के बाद से ही विपक्ष और जनता दोनों ही मोदी सरकार पर निशाना साधती नज़र आ रही हैं. उनका कहना है कि मोदी सरकार इस घोटाले को लेकर किसी तरह का सख्त कदम नहीं उठा रही है. तभी इसी बीच सीबीआई ने एक बड़ा कदम उठाते हुए नीरव मोदी के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई की तो मानो देश का हर शख्स हैरान रह गया.

पीएनबी धोखाधड़ी मामले में मोदी का अधिकारी अंबानी हुई गिरफ्तार

जानकारी के लिए बता दें कि पीएनबी धोखाधड़ी मामले में हाल ही में मुंबई की एक विशेष अदालत ने नीरव मोदी की कंपनी के सीएफओ और अंबानी परिवार के सदस्य विपुल अंबानी समेत 5 अन्य को पांच मार्च तक सीबीआइ हिरासत में भेजने और उनसे पूछताछ करने का फ़रमान सुनते हुए सबको हैरान कर दिया है.

फ़र्जी एमओयू के चलते हुई विपुल अंबानी की गिरफ्तारी

सीबीआइ ने अदालत में दाखिल कर अपनी एफआइआर में लिखा है कि साल 2011-17 के बीच नीरव मोदी के द्वारा 6,498 करोड़ रुपये मूल्य के 150 फर्जी एमओयू (जो कि एक तरह की बैंक गारंटी है) और 4,886 करोड़ रुपये मूल्य के 143 फर्जी एमओयू साइन किए गए थे.

इसके ही आरोप में विपुल अंबानी, कविता मानकीकर (कार्यकारी सहायक और तीन कंपनियां – डायमंड आर यूएस, स्टेलर डायमंड, सोलर एक्सपोर्ट्स), अर्जुन पाटील (सीनियर एक्जीक्यूटिव, फायरस्टार ग्रुप), और पीएनबी की ब्रैडी हाउस शाखा के तत्कालीन प्रमुख राजेश जिंदल को 31 जनवरी को सीबीआई द्वारा अदालत में दर्ज एफआईआर में आरोपी के रूप में सूचीबद्ध किया गया था.

जिसके बाद से ही उमीद लगाई जा रही है की विपुल अंबानी की गिरफ़्तारी के बाद नीरव मोदी को भी सीबीआई जल्द अपनी पकड़ में ला सकती है.

Story Source: http://zeenews.india.com/hindi/business/cbi-questioned-nirav-modi-chief-financial-officer-vipul-ambani-in-pnb-scam/374809


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