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एक बार फिर से लोकसभा में आ सकते हैं अखिलेश, यहां से लड़ेंगे चुनाव

वायरल इन इंडिया संवाददाता -
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उत्तर प्रदेश में हुए पिछले दो चुनावों में समाजवादी पार्टी को अपने ही गढ़ में काफी नुकसान हुआ है। समाजवादी पार्टी के गढ़ कन्नौज में चाहे विधानसभा के चुनाव हो या फिर निकाय चुनाव दोनों ही चुनावों में समाजवादी को हार का मुंह देखना पड़ा है।

जहां विधानसभा चुनाव में कन्नौज की तीन सीटों में से दो सीट पर समाजवादी पार्टी को हार देखनी पड़ी है। तो वहीं निकाय चुनाव में तीनों नगर पालिका और पांचों नगर पंचायत में भी उसे हार का सामना करना पड़ा है। आपको बता दें कि फिलहाल अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव कन्नौज से सांसद है।

2012 में अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बन जाने के बाद डिम्पल यादव ने यहां से उपचुनाव जीता था। इसके बाद 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में भी डिंपल यादव ही यहां से सांसद चुनी गई थी। गौरतलब है कि जीत का अंतर सिर्फ 20 हजार वोटों का ही था।

लोकसभा में किस्मत आजमां सकते हैं अखिलेश

अब ऐसी खबरें सामने आ रही है कि अखिलेश अखिलेश यादव दोबारा कन्नौज से अपनी लोकसभा की पारी की शुरुआत कर सकते हैं। क्योंकि डिम्पल यादव ने पिछले महीने ये घोषणा की थी कि वो अब अगला लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगी।

नेताजी ने की अपनी सीट रिजर्व

2019 में कौन कहां से चुनाव लड़ेगा इस बात पर समाजवादी पार्टी में अभी से माथापच्ची शुरू हो गई है। वहीं नेताजी यानी की मुलायम सिंह यादव ने अपने लिए पहले से ही सीट रिजर्व करा ली है। इस बार मुलायम सिंह दोबारा आजमगढ़ से चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं। महीने भर पहले ही मैनपुरी में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मंच से ही मैनपुरी का चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया था।

पिछली बार मुलायम सिंह लोकसभा की दो सीटों पर आजमगढ़ और मैनपुरी से चुनाव लड़े थे। दोनों ही जगहों पर मुलायम सिंह की जीत हुई थी। लेकिन उन्होंने मैनपुरी की सीट छोड़ दी थी। जहां से उनके भतीजे के बेटे तेजप्रताप यादव अब सांसद है। तेज प्रताप यादव आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के दामाद भी हैं।

सूत्रों की मानें तो अखिलेश खुद इस बार लोकसभा चुनाव लड़ने जा रहे हैं और वो भी कन्नौज से। क्योंकि अखिलेश नहीं चाहते कि फिर से फिरोजाबाद जैसा कुछ हो जाए। साल 2009 के लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस के राज बब्बर ने उनकी पत्नी डिम्पल को हरा दिया था।

इसीलिए किसी और को उतारने की जगह अखिलेश खुद कन्नौज से लड़ जाएं तो इसमें कोई हैरानी की बात नहीं होगी। आपको बता दें कि रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव इस वक्त फिरोजाबाद से सांसद है और  वो दुबारा चुनाव लड़ेंगे। वहीं अखिलेश के चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव बदायूं से दोबारा चुनाव लड़ेंगे। वो पहले ही दो बार यहां से चुनाव जीत चुके हैं।

परिवार की ही थी सभी सीटें

आपको बता दें कि 2014 लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी यूपी की 80 सीटों में से सिर्फ 5 ही जीत पाई थी। और जीतने वाले सभी मुलायम सिंह यादव और उनके परिवार के ही सदस्य थे। 8 जनवरी को अखिलेश ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी की बैठक बुलाई है। इस बैठक में सभी विधायकों और विधानसभा चुनाव में हारने वाले नेताओं को भी बुलाया गया है। इस मीटिंग में अगले लोकसभा चुनाव को लेकर चर्चा होगी।

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