कर्नाटक चुनाव में नया मोड़, कांग्रेस के साथ खड़े हुए मोदी के दो सबसे पुराने साथी - वायरल इन इंडिया - Viral in India - NEWS, POLITICS, NARENDRA MODI

कर्नाटक चुनाव में नया मोड़, कांग्रेस के साथ खड़े हुए मोदी के दो सबसे पुराने साथी

दक्षिण भारत की राजनीति के ये दो दिग्गज नेता अब मोदी को सिखाएंगे सबक

कर्नाटक चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही अब दक्षिण भारत की राजनीति में एक नई सियासी तस्वीर उभरती हुई नजर आ रही है। जहां अब तक जो स्थिति बनी हुई है उस हिसाब से किसी भी पार्टी को बहुमत नही मिला है जहां सबसे बड़ी पार्टी के रुप में बीजेपी अपनी सरकार बनाने में असमर्थ हैं वहीं जेडीएस और कांग्रेस के गठबंधन ने भी अपनी सरकार बनाने का दावा कर दिया है।

 

मोदी के करीबी दोस्तों ने थामा जेडीएस का हाथ

इस स्थिति के दूसरी तरफ ही आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने एचडी देवगौड़ा से फोन पर बात करने के बाद मदद करने की पेशकश की है।

 

इसके साथ ही अभी विधायकों पर जिस तरह का खतरा मंडरा हैं उसी के साथ उन्होंने विधायकों को विजयवाड़ा या विशाखापत्तनम में ठहराने की प्रस्ताव रखा है।

चंद्रबाबू नायडू और केसीआर ने देवगौड़ा से की थी बात

इसमें एक जो दिलचस्प बात है वह यह कि चंद्रबाबू नायडू और केसीआर किसी समय में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए का हिस्सा हुआ करते थे।

लेकिन चंद्रबाबू ने आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य के दर्जे की मांग के पूरे न होने पर एनडीए से अपना रास्ता पूरी तरह अलग कर लिया है।

 

आपको बता दें कि देवगौड़ा की पार्टी जेडीएस कर्नाटक विधानसभा चुनाव में 37 सीटों के साथ तीसरे नंबर पर रही और कांग्रेस के समर्थन से कर्नाटक में सरकार बनाने का दावा भी पेश कर चुकी है।

कांग्रेस और जेडीएस के गठबंधन से देवगौड़ा के बेटे कुमारस्वामी होंगे मुख्यमंत्री

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के अलावा गुलाम नबी आजाद, अशोक गहलोत, मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी महासचिव के सी वेणुगोपाल समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने प्रतिमा के सामने बैठकर विरोध जताया।

 

पत्रकारों से बातचीत करते हुए सिद्धारमैया ने येदियुरप्पा को विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय देने के राज्यपाल वजुभाई वाला के फैसले को ‘‘अभूतपूर्व’’ बताया।

उन्होंने कहा कि,

अब येदियुरप्पा को उन विधायकों की सूची तैयार करनी होगी, जिनका समर्थन उन्हें प्राप्त है।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद कांग्रेस व जेडीएस का विरोध

दूसरी तरफ येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण के खिलाफ कांग्रेस ने तीन घंटे विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। जिसमें जेडीएस के विधायक भी शामिल हुए हैं, तो कांग्रेस को दो निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन मिल गया है।

इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय ने रातभर चली दुर्लभ सुनवाई के बाद येदियुरप्पा के कनार्टक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर किसी तरह से रोक लगाने से मना कर दिया था।

देर रात दो बजकर 11 मिनट से आज सुबह पांच बजकर 28 मिनट तक चली इस सुनवाई के बाद उच्चतम न्यायालय ने साफ किया कि राज्य में शपथ ग्रहण और सरकार के गठन की प्रक्रिया न्यायालय के समक्ष लंबित इस मामले के अंतिम फैसले के दायरे में होगा।

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एके सीकरी, न्यायमूर्ति एस के बोबडे और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की एक विशेष पीठ ने इस मामले पर अगली सुनवाई के लिए शुक्रवार सुबह की तारीख तय कर दी है और बीजेपी द्वारा कर्नाटक के राज्यपाल को दिये गए विधायकों के समर्थन वाला पत्र पेश करने का आदेश भी दिया है।

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