2019 लोकसभा चुनाव पे बड़ी भविष्यवाणी, मोदी शाह के छूटे पसीने

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लोकसभा चुनाव 2019 में अभी काफी समय शेष है लेकिन देश भर में संभावित परिणामों को लेकर चर्चा का बाजार गर्म हो गया है. हर चौक चौराहों और रेलगाड़ियों के सफर में मोदी आएंगें की जाएंगें. क्या होगा कांग्रेस का. भाजपा को कितनी सीटें आएंगी !

राहुल के भाग्य में क्या है, मोदी का नसीब क्या कहता है. देश की जनता किन मुद्दों पर वोट करेगी, ये चर्चाएं देश भर में आम हो चुकी है.

मोदी सरकार चाहती है कि देश का अगला लोकसभा चुनाव धार्मिक आधार पर हो जाए तो उसकी राह आसान हो सकती है क्योंकि विकास के नाम पर देश भर में कोई बडी परियोजना अब तक मोदी सरकार के नाम की नहीं दिखाई पड़ती.

1. संत ने कर दी भविष्यवाणी

श्रीराम जन्मभूमि न्यास, अयोध्या के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने मोदी सरकार पर भविष्यवाणी करते हुए कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के समक्ष राष्ट्र के साथ साथ अन्य समस्याएं भी मुंह बाए खड़ी है.

सभी समस्याओं का समाधान भी करने की जरुरत है लेकिन इस बार नरेंद्र मोदी के समक्ष बेहद विकट चुनौती खड़ी है. भाजपा की सरकार बनें साढ़े चार साल होने को है लेकिन अयोध्या में रामलला अब तक तिरपाल में हैं और भाजपा सेवेन स्टार ऑफिस बना चुकी है.

2. तो समाप्त हो जाएंगें मोदी और भाजपा

गोपाल दास ने स्पष्ट किया कि मेरी भविष्यवाणी कहती है कि अगर मोदी सरकार ने 2019 के पहले अयोध्या में मंदिर निमार्ण शुरु नहीं करवाया तो भाजपा की हार नहीं बल्कि अंत सुनिश्चित हैं.

भाजपा के साथ साथ मोदी के भी राजनीतिक जीवन का अंत 2019 में हो जाएगा. भाजपा और आरएसएस यह बात गांठ बांध कर रख लें.

3. जनता नकार देगी ?

महंत ने मोदी के साथ साथ यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को भी फटकार लगाते हुए कहा कि इन लोगों में योग्यता हीं है क्या है. इन्हें जनता ने सिर्फ और सिर्फ मंदिर निमार्ण के लिए सत्ता में भेजा है.

अगर भाजपा ने मंदिर का निमार्ण नहीं कराया तो जनता इन्हें नकार देगी और ये लोग सिर्फ भाषण देते रह जाएंगें.

4. कांग्रेस के किस्मत में है सत्ता

 

महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि अयोध्या में मंदिर निमार्ण नहीं होने के लिए मैं कांग्रेस को जिम्मेवार नहीं ठहराता. कांग्रेस हिंदूओं की पार्टी होने का दावा नहीं करती.

भाजपा हिंदू होने का दावा करती है और इसी नाम पर वोट मांगती है लेकिन मैं गारंटी देता हूं कि अगर 2019 के पहले राम मंदिर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो कांग्रेस की सरकार बनने से कोई नहीं रोक सकता.

निष्कर्ष :

मंदिर निमार्ण के नाम पर भाजपा ने तो जैसे मौन धारण कर लिया है. देश भर का संत समाज आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा से इसका बदला जरुर लेगा.


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