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जुर्म कितना भी बड़ा हो और दोषी बड़ा हो या छोटा हमेशा से ही हर कानून में उसे सज़ा देने का प्रविधान एक सा रहा है लेकिन भारत में ऐसा होते बिलकुल नही दिखाई देता.

भारत में जहाँ अगर कोई मंत्री या नेता या उनका कोई रिश्तेदार कानून की अनदेखी करते हुए गिरफ़्तार होता हैं तो उसे हथकड़ी बाद में लगती हैं उसे बेल पहले दे दी जाती है.

इस मुस्लिम देश ने दिखाया कानून हैं सबके लिए बराबर

भारत में सज़ा का प्रविधान हर किसी के लिए यूँ तो एक जैसा हैं लेकिन हकीकत क्या हैं इस बात से हर कोई भलीभांति अवगत है, लेकिन एक ऐसा भी मुस्लिम देश हैं जहाँ की सरकार के लिए उसका कानून सर्वोपरि है.

जी हाँ आज हम आपको एक ऐसे देश के बारे में बताएँगे जहाँ की सरकार ने अपने ही करीब 11 राजकुमारों को आम नागरिकों की तरह ही सज़ा सुनाते हुए दुनिया के सामने उदाहरण पेश किया.

दरअसल, हाल ही में सऊदी शासक शाह सलमान ने सऊदी नागरिकों पर हिंसा के मामले में मुख्य दोषी राजकुमार सऊद बिन अब्दुलअजीज को गिरफ़्तार करने का हुक्म देते हुए हर किसी को हैरत में डाल दिया है.

सऊदी शासक शाह सलमान की ओर से जारी किए गए एक हुक्मनामे में ये साफ़ तौर पर कहा गया कि, कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है. और न ही कोई शख्स अपने पद की प्रतिष्ठा और पारिवारिक प्रभाव की बुनियाद पर कानून की खिलाफ कर सकता है.

जेल में दुसरे अपराधियों के साथ रखे गये 11 शहजादें

सऊदी हमेशा से ही अपने निष्पक्ष कानून को लेकर मिसाल कायम करता रहा है. अगर याद हो तो इसे पहले भी सऊदी के अधिकारियों ने शाही-परिवार के सदस्यों की गिरफ्तारी करते हुए एक नए दौर की शुरुआत करी थी.

बता दें कि सऊदी अरब सरकार ने वहां के करीब 11 शहजादों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनके खिलाफ आम लोगों की तरह ही मुकदमा चलाया गया.

UAE की सरकार वेबसाइट ‘सबक’ ने सऊदी अरब के अधिकारियों के हवाले से जानकारी देते हुए बताया कि,

“शाही परिवार की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले नेशनल गार्ड की एक इकाई को इन शहजादों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया. ये राजकुमार शाही खानदानों के बिजली और पानी के बिलों के सरकारी खजाने से भुगतान पर रोक का विरोध कर रहे थे.”

वेबसाइट सबक की ओर से ये भी बताया गया कि,

“गिरफ्तार किए गए राजकुमारों के नाम फिलहाल अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं. सऊदी अरब सरकार ने फैसला लिया है कि शाही परिवार से जुड़े लोग अब अपने बिल खुद चुकाएंगे. गिरफ्तार किए गए शहजादों को राजधानी रियाद की ‘हायर’ कारागार भेजा गया है. इस जेल में अपराधियों, चरमपंथियों और अलकायदा के आतंकवादियों को रखा जाता है.”

इसलिए की गई राजकुमारों की गिरफ्तारी

UAE की बड़ी वेबसाइट के अनुसार,

“गिरफ्तार किए गए शहजादे अपने एक रिश्तेदार से जुड़े अदालती फैसले के संदर्भ में वित्तीय मुआवजे की मांग और शाही परिवार के लोगों के बिजली और पानी के बिल के सरकारी भुगतान को रोकने के फैसले को बदलने की मांग कर रहे थे.”

सऊदी अरब के अटार्नी जनरल शेख सऊद अल मोजेब ने एक ई-मेल के माध्यम से मीडिया को ये जानकारी दी कि,

“11 शहजादों को उस वक्त गिरफ्तार किया गया, जब उन्होंने रियाद में कसार अल-होक को छोड़ने के लिए मना कर दिया. कोई भी सऊदी अरब में कानून से ऊपर नहीं है.”

निष्कर्ष

सऊदी अरब में ऐसा पहली बार नही हुआ हैं जब कानून को सर्वोपरि मानते हुए वहां के प्रशासन ने कदम उठाया हो.

इससे पहले भी बीते साल नवंबर में सऊदी अरब में भ्रष्टाचार के खिलाफ की गई कार्रवाई में दर्जनों राजकुमारों को गिरफ्तार किया गया था. जिनमें कुछ पूर्व मंत्री भी शामिल थे.

जिससे साफ़ होता हैं कि सऊदी अरब के लिए हमेशा से ही उसका कानून ऊपर हैं.

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