हिन्दू व्यक्ति की जान खतरे में थी, फिर मुसलमानों ने जो किया वो पढ़ दुनिया करेगी सलाम…!

अभी जहाँ एक ओर यूपी से ख़बरें मिली कि वहां पर दुर्गा विसर्जन और ताजिया, जो एक साथ एक ही दिन था, हुआ तो वहां के 9 शहरों में बहुत हिंसा भड़क गयी ! यहाँ तक की धार्मिक दंगा वहां पर हो गये और बहुत नुकसान भी हुआ लेकिन बिलकुल सेम परिस्तिथि में बंगाल में जो मुसलमानों ने किया उसे देखकर हर कोई दंग है !

आखिर ऐसा क्या किया मुसलमानों ने

दरअसल मामला कुछ ऐसा है कि पश्चिम बंगाल में जो हुआ उसने एकता, गंगा-जमुना तहजीब और सांप्रदायिक सौहार्द की ऐसी मिशाल कायम की कि पूरा देश अचंभित है ! घटना यहाँ के खड़गपुर शहर की है जहाँ इस बार मुसलमानों ने मुहर्रम का जुलूस ही रद्द कर दिया और उस पैसे से एक हिन्दू पडोसी के कैंसर का इलाज कराने के लिए दान दे दिया !

जहाँ पूरे देश में मुसलमानों के खिलाफ माहौल बनाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश होती है और यूपी से ऐसी घटनाएँ आती हैं वहां ऐसे माहौल में ऐसी ख़बरें बड़ी सुखद होती हैं और बताती हैं कि मुसलमान दरअसल वो नहीं जो उसे दिखाया जाता है !

अगर कुछ लोग जिनकी वजह से इस्लाम को ऐसी नजरों से देखा जाता है उनके ऐसा करने से इस्लाम बदनाम हो सकता है तो ऐसा नेक काम करने वालों से आप इस्लाम को सम्मान की नजर से क्यों नहीं देख सकते हैं?

टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने बताया ये

 देश के सबसे बड़े खबर निर्माता ग्रुप टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने इस खबर को लेकर बताया कि खड़गपुर के पुरटन बाज़ार में जो मुहर्रम जुलूस का आयोजन होता है उसके आयोजको ने एक मोबाइल रिचार्ज की छोटी सी दुकान करने वाले अबीर भुनिया के लिए 50 हजार रूपए जुटाए और उसके कैंसर के इलाज के लिए उसे दिए ! इससे पहले भी अबीर को उन्होंने 6 हजार रूपए दिए हैं !
आपको बता दें कि अबीर का कैंसर का इलाज कलकत्ता के सरोज गुप्ता कैंसर केंद्र में कीमोथेरिपी में हो रहा है और उसे अपने इलाज के लिए 12 लाख की जरूरत थी ! उस मुहर्रम जुलूस के समाज संगठन के सचिव अमजद खान ने इस बारे में कहा कि मुहर्रम का जुलूस तो हर साल निकलता है लेकिन पहले जिंदगी बचाने की जरूरत है !
source-http://www.jantakareporter.com/hindi/muslims-forego-fund-cancer-treatment-hindu-man/153611/

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