अगर ये मुस्लिम डॉ कुछ ऐसा न करता तो और भी बच्चे अस्पताल में मारे जाते…?

इस देश में और खासतौर पर इस भाजपा की सरकार में मुस्लिमों को हर बात पर निशाना बनाया जाने लगा है और ऐसे में एक मुस्लिम कोई अच्छा काम भी करता है तो मीडिया उसे दिखाना उचित नहीं समझती है ! ऐसा ही कुछ किया है गोरखपुर के brd मेडिकल कॉलेज के इस डॉक्टर ने !

जहाँ बच्चे इस अस्पताल में ओक्सीजन की कमी से तड़प के मर रहे थे वहीँ ये डॉक्टर बच्चों के लिए फ़रिश्ता बनकर आगया ! इस डॉ का नाम डॉ कफील अहमद है जो इंसेफेलाइटिस वार्ड के प्रभारी व बाल रोग विशेषज्ञ हैं और इनकी सोशल मीडिया पर खूब तारीफ हो रही हैं !

क्या किया ऐसा डॉ ने

दरअसल गुरूवार की रात करीब दो बजे उन्हें अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी की सूचना मिली। सूचना मिलते ही डॉक्टर समझ गए की स्थिति भयावह होने वाली है।

आनन-फानन में वह अपने मित्र डॉक्टर के पास पहुंचे और ऑक्सीजन के तीन सिलेंडर अपनी गाड़ी में लेकर शुक्रवार रात तीन बजे सीधे बीआरडी अस्पताल पहुंचे। तीन सिलेंडरों से बालरोग विभाग में करीब 15 मिनट ऑक्सीजन की आपूर्ति हो सकी।

सुबह कैसे सम्हाला डॉ ने

रात किसी तरह ऐसे ही काम चलाया गया लेकिन वही स्तिथि बनी और 7 बजे फिर ओक्सीजन खत्म हो गयी और हालत फिर से गंभीर ! डॉ ने आनन फानन में शहर के गैस सप्लायर से सम्पर्क किया !


बड़े अधिकारियों ने डॉ का फोन नहीं उठाया ! डॉ कफील अहमद एक बार फिर अपने डॉक्टर मित्रों के पास मदद के लिए पहुंचे और करीब एक दर्जन ऑक्सीजन सिलेंडर का जुगाड़ किया।

जमकर हो रही डॉ की तारीफ

डॉ ने इस दौरान तकरीबन शहर के ६ ओक्सीजन बेचने वालों को सम्पर्क किया ! सभी ने पेमेंट कैश में तुरंत करने की बात की ! ऐसे में डॉ ने संकोच न करते हुए कर्मचारी को अपना एटीएम दिया और पैसे निकालकर सिलेंडर लाने को कहा !

इस बीच डॉ लगातार बच्चों को एम्बू पम्प से बचाने की मसक्कत करते रहे ! डॉ के इस प्रयास और लगन की जमकर तारीफ की जा रही है ! हमारी टीम भी डॉ के इस काम की प्रशंसा करते हुए डॉ को एक सलाम भेजती है !

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