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भारत के प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती जगजाहिर है लेकिन अब लग रहा है कि इन दोनों नेताओं के बीच की दोस्ती जल्द ही दुश्मनी में बदल सकती हैं। क्योंकि हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने जिस तरह का बयान दिया है उसे लग रहा है कि दोनों देशों के रिश्तो के बीच दरार आ सकती है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनके मुल्क को ‘लूट’ रहे देशों पर बरसते हुए इम्पोर्ट ड्यूटी के मुद्दे पर एक बार फिर भारत को निशाना बनाया है।

1. मोदी पर भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के इस रवैये से इतने नाराज़ थे की कनाडा में हो रहे जी-7 शिखर सम्मेलन को कड़वे माहौल में छोड़कर चले गए।
आपको बता दें की भारत की व्यापार नीतियों पर अमेरिका पहले भी ऐतराज़ जता चुका है। लेकिन इस बार जिस तरह से राष्ट्रपति ट्रम्प ने भारत को अल्टीमेटम दिया है, उससे भारत परेशानी में आ सकता है। राष्ट्रपति ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा है की हम ऐसी गुल्लक की तरह हैं, जिसे हर कोई लूट रहा है।

2. अमेरिका कोई गुल्लक नहीं है

उन्होंने कहा, “हम ऐसा नहीं कर सकते… हम कई देशों से बात कर रहे हैं, हम सभी देशों से बात कर रहे हैं… और यह रोकना ही होगा… या हम उन देशों के साथ व्यापार को रोक देंगे और यह काफी मुनाफा देने वाला जवाब होगा।

मैं भारत को दोष नहीं दे रहा हूं, मेरा मानना है कि यह बेहद अच्छी बात है कि वे ऐसा कर सकते हैं… मैं नहीं जानता कि लोग उन्हें ऐसा क्यों करने दे रहे हैं लेकिन यह इस बात का उदाहरण है कि अन्यायपूर्ण व्यवस्था मौजूद है और मेरे हिसाब से दोनों देशों में एक समान टैक्स ही होना चाहिए।

3. अमेरिका की धमकी का भारत पर कोई असर नहीं

डोनाल्ड ट्रम्प के इस बयान को भारत के लिए एक बड़ी धमकी के रूप में देखा जा रहा है। अब लग रहा है की भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड वार छिड़ गया है। ट्रम्प के इस बयान के बाद भी भारत अपनी व्यापर नीतियों में बदलाव करने के मूड में नहीं है।

भारत ने ऐसा ऐक्शन लिया है, जिसका अमेरिका पर तगड़ा असर पड़ेगा। दरअसल भारत ने सोयाबीन ऑयल पर कस्टम ड्यूटी 30 फीसदी से बढ़ाकर 35 फीसदी कर दी है, जिसका अमेरिका से बड़ी मात्रा से आयात होता है।

4. अमेरिका ने छीना भारतीयों से रोज़गार

आपको बता दें की डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिकी कंपनियों में नौकरी पर पहला हक अमेरिका के निवासियों का ही  होगा। ट्रम्प का ये बयान अमेरिका में काम कर रहे भारतियों के लिए भी चिंता का विषय हैं क्योंकि भारत से भी कई लोग H-1B वीजा पर अमेरिकी कंपनियों में नौकरी कर रहे हैं।

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