नितीश जैसे दलबदलू नेताओं को लेकर इमरान का ताबड़तोड़ कदम, देखें

शेयर करें

एक तरफ हिंदुस्तान है जहां के राजनेता मौका देख कर चौका मारने में उस्ताद हैं. जिधर देखा पलड़ा भारी, उधर पल्टी मार कर भाग निकलते हैं. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह दलबदल के उस्ताद हैं. दूसरे दलों के नेताओं को फोड़ कर अपने दल में शामिल कर पार्टी को मजबूत बनाने का अजूबा सिस्टम अमित शाह और नरेंद्र मोदी ने विकसित कर रखा है.

1. दलबदलू समाज के लिए खतरा

पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान से नवाज शरीफ की पार्टी के कुछ नेता और पदाधिकारी मिलने पहुंचें और इमरान के नेतृत्व में काम करने की इच्छा जताई. इमरान ने स्पष्ट किया कि मैं ऐसी राजनीति के पक्ष में नहीं हूं. राजनीति विचारधारा और कार्यक्रम के आधार पर होनी चाहिए. आप जिस दल में हैं, वहीं रहकर पाकिस्तान को मजबूत और शक्तिशाली बनाने में अपना योगदान दिजिए.

2. पार्टी वर्करों के लिए खतरा

इमरान ने कहा कि बहुत हीं मेहनत और संघर्ष के बाद हमारी पार्टी सत्ता में आई है इसलिए पार्टी पर सबसे पहला अधिकार पुराने साथियों का बनता है. अगर दूसरे दलों के नेताओं को हम अपने दल में शामिल कर उन्हें किसी पद पर बैठाते हैं तो ये उन नेताओं और वर्करों के साथ नाइंसाफी होगी जिन्होंने अपने खून पसीने को पार्टी को सत्ता के मुकाम तक पहुंचाया है.

निष्कर्ष :

अगर दुश्मन में भी कोई खूबी है तो उसे अपनाने में कोई हर्ज नहीं होना चाहिए. इमरान खान का यह कदम दूसरे नेताओं के लिए अनुकरणीय है.


शेयर करें

अपनी प्रतिक्रिया नीचे कमेंट में छोड़े