जी न्यूज का एक और छिछोरापन आया सामने, चीन की तस्वीर को बताया एम्स की तस्वीर

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देश के अधिकांश मीडिया हाउस वेश्यालयों से भी गए गुजरे हो चुके हैं. अपने प्रिय ग्राहक को खुश करने के लिए हर हथकंडे आजमाने वाले गुण भारतीय मीडिया को आ चुके हैं

तभी तो चीन की अस्पताल के दृश्य को दिल्ली के एम्स का बताकर वाजपेयी को डॉक्टरों द्वारा श्रद्धांजलि देने की खबर जी न्यूज दिखा रहा है.

1. पूरी तरह भ्रामक है ये खबर

दरअसल जो ये खबर जी न्यूज बार बार दिखा रहा है जिसमें कहा जा रहा है कि वाजपेयी के निधन के बाद एम्स, दिल्ली के डॉक्टरों ने सामूहिक तौर पर उन्हें सिर झुका कर उन्हें श्रद्धांजलि दी

और देश के लिए किए गए कामों के लिए उनका सम्मान किया, ये पूरी तरह बकवास और बेबुनियाद है.

2. तस्वीर हैं चीन की

जी न्यूज समेत भाजपा आईटी सेल की ओर से ये तस्वीर पोस्ट करते हुए कहा गया है कि वाजपेयी के सम्मान में ऑपरेशन थियेटर में नतमस्तक डॉक्टर. दरअसल यह तस्वीर चीन के एक अस्पताल की है

और वह भी 2012 की. यहां एक बच्ची ने मृत्यु के पूर्व अपने अंगदान करने की घोषणा की थी.

3. अंगदान की घोषणा के बाद डॉक्टरों ने किया सम्मान

इस बच्ची ने अपने मृत्यु के पूर्व हीं डॉक्टरों के सामने अपनी इच्छा जताई कि मैं अपनी शरीर के तमाम अंगों जैसे हार्ट, किडनी, आंख, लीवर आदि दान करना चाहती हूं

ताकी उन्हें दूसरे किसी बीमार के शरीर में ट्रांसप्लांट कर किसी और की जिंदगी बचाई जा सके.

यह तस्वीर और खबर 22 नवंबर 2012 को चाइना डेली नामक अखबार और वेबसाइट पर प्रकाशित हुई थी.

4. चीन की पुरानी परंपरा

चीन में अंगदान की पुरानी परंपरा है. प्रत्यारोपण संबंधित बढ़ती समस्याओं को देखते हुए यहां की सरकार ने इस तरह की परंपरा विकसित की है

ताकी लोगों को इस महान कार्य हेतू प्रेरित किया जा सके. मीडिया एजेंसी ऑल्ट की रिपोर्ट के अनुसार भारत में इस तस्वीर को दो वेबसाइटों ने प्रकाशित किया था, आपत्ति जताए जाने के बाद इस तस्वीर को हटा लिया गया है.

5. देश की हुई बदनामी

इस तस्वीर से अटल जी के निधन का कोई लेना देना नहीं है. दुख की बात तो यह है कि कई चीनी वेबसाइटों ने इन खबरों को अपने यहां पब्लिश करते हुए बताया कि

भारतीय मीडिया किस तरह अपने यहां के दिवंगत नेता को बेवजह पॉपुलर करने की कोशिश में हमारे यहां की तस्वीरों को अपना बता कर दिखा रहा है.

निष्कर्ष :

भारतीय मीडिया को अपनी इन उटपटांग हरकतों से बाज आनी चाहिए. खास तौर पर जी न्यूज जो भ्रामक और असत्य खबरों का पर्याय बनता जा रहा है, देश के मान सम्मान के लिए इन सभी चीजों से परहेज करे तो बेहतर रहेगा.


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