पेट्रोल और डीजल हुए बहुत मेहेंगे, पेट्रोल 80 का पार

देश गुप्त आपातकाल के दौर से गुजर रहा है ऐसा कहा जाए तो कहीं भी कोई अतिशयोक्ति मालूम नहीं होती क्योकि ऐसा ही देश में माहौल है ! सरकार के काम को गलत कहने वाले लोग बहुत ही कम है और जो कहते हैं उनमे से ज्यादातर को चुप करा दिया जाता है !

ये तानाशाहों की सरकार है

देश में एक अस्पताल में सरकार की लापरवाही से बच्चे मर जाते हैं पर सरकार फिर भी बेफिक्र रहती है क्योकि वो खुद को तानाशाह जो समझती है और इसका नतीजा ये हुआ कि उसी अस्पताल में फिर से बच्चे मारे गये ! ऐसा ही रेल हादसों का है कि अब तक लगातर रेल हादसे होते जा रहे हैं पर सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही !

पेट्रोल और डीजल के दामों में हुई ब्रद्धि

किसी भी देश की मुद्रास्फीति इस बात पर बहुत निर्भर करती है कि माल या कच्चे माल को एक स्थान से दुसरे स्थान तक ले जाने और लाने में कितनी लागत हो रही है और परिवहन की जो लागत इसे ले जाने और ले आने में लगती है वो ईधन पर निर्भर करती है ! ईधन का मामला भारतीयों के लिए एक चिंता का सबब बन चुका है !

जुलाई के पहले सप्ताह के बाद से पेट्रोल की कीमतों में लगातर बढ़ोत्तरी हो रही है और अब तक ये बढ़कर 6 रूपए प्रति लीटर हो गयी है ! डीजल की कीमत में भी 3.76 की बढ़त देखी गयी है ! ये सब सरकार की नाकामी को दर्शाता है ! यही लोग थे जो पिछली सरकार को इस महंगाई के लिए पानी पी पीकर कोसा करते थे और आज ये लोग खुद ऐसा करके चुप है और जो लोग इनके समर्थक है वो इसके बचाव के लिए एक से बढकर एक कुतर्क पेश कर रहे हैं !

इससे पहले राज्य की स्वामित्व वाली तेल कम्पनीयों ने हर महीने की पहली और 16 तारीख को दरों में संसोधन किया था लेकिन ये 15 साल पुराणी प्रथा अब 16 जून के बाद से अब दैनिक मूल्य संसोधन के लिए रास्ता दे चुकी है जो लागत में तुरंत बदलाव दिखाती है ! शुरुवात में 6 एएम में दरों को संसोधित किया जाता है,शुरुवात में कीमतें घट जाती हैं लेकिन 3 जुलाई के बाद से वे अब लगातर बढ़ रही हैं !

16 जून को दिल्ली में पेट्रोल का मूल्य 65.48 था और 2 जुलाई को यह 63.06 हो गया और उसी तरह 16 जून को डीजल की कीमत 54.49 थी और 2 जुलाई को यह 53.36 हो गयी ! लेकिन 3 जुलाई के बाद से कीमतें बढ़ रही हैं ! हालाँकि कुछ मौकों पर ये 2 से 9 पैसे तक कम भी हुआ है ! दैनिक संशोधन लागू करने से पहले पायलट प्रोजेक्ट 5 शहरों में चलाया गया था !

तेल कम्पनी के एक सीनियर एग्जिक्यूटिव ने ये कहा

पहले तो सबको बड़ा मजाक सा लगा और उन्होंने विरोध किया जब कीमतें एक बार में 2 से 3 रूपए प्रति लीटर बढ़ीं ! अब उन्हें रोज 1 पैसे प्रति लीटर से 15 पैसे प्रति लीटर तक बढाया जा रहा है जो बढ़े पैमाने पर ध्यान नहीं दिया जाता है ! कई बार अन्तर्राष्ट्रीय दरों में एक सप्ताह के लिए गिरता है और फिर ब्रद्धि होगी !

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