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केंद्र में सत्तारूढ़ मोदी सरकार को ऐसी सरकार के तौर पर देखा जाता है, जो अपनी आलोचना बर्दाश्त नहीं कर सकती है। जब-जब किसी ने मोदी सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाई है या फिर उनकी आलोचना की है। उस शख्स को मुसीबतों का सामना करना पड़ा है। क्योंकि मोदी सरकार अपने खिलाफ विरोधी स्वर बर्दाश्त नहीं करती। इसलिए पार्टी में नेताओं के रूप में गुंडे भरे पड़े हैं। वहीँ आरएसएस और अन्य हिन्दू संगठनों के लोगों का तो रोज़गार ही मोदी विरोधियों को तंग करना है।

1. सच का सामना करने से डरते हैं मोदी

दरअसल प्रधानमंत्री मोदी को भले ही साल 2002 के गुजरात दंगों के मामले में क्लीन चिट मिल गई हो। लेकिन आज भी लोग उन्हें एक हत्यारों को समर्थन करने वाले नेता के तौर पर देखते हैं। गुजरात दंगों में कई मासूम लोगों की हत्या का आरोप हिंदूवादी संगठनों के सिर पर है। जिन्हे बीजेपी ने खुलकर समर्थन दिया था।

2. गुजरात दंगों के आया था मोदी का नाम

साल 2002 में दौरान दो समुदाय के लोगों के बीच हुए इन दंगों में अहम भूमिका विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के नेताओं ने निभाई थी। जिन्हे प्रमुख पीएम मोदी के करीबी है। मोदी की चुप्पी उन्हें कत्लेआम का एक आदेश ही थी। इस मामले में बात करने से पीएम मोदी हमेशा बात करने से कतराते हैं।

3. जाने-माने पत्रकार करण थापर ने की मोदी की बोलती बंद

पीएम मोदी का एक ख़ास गुण जिसकी बदौलत वह इस मुकाम तक पहुंचे है। वो ये है कि वह काफी अच्छे वक्ता है। देश की जनता को भाषणों में खूब सारा झूठ परोस कर आज वह सत्ता की ऊंचाई पर है। लेकिन कुछ ऐसे पत्रकार भी है-जिनके सामने मोदी की बोलती बिलकुल बंद हो जाती है। इनमें से एक है वरिष्ठ पत्रकार करण थापर। पीएम मोदी ने अपने राजनीतिक करियर में सिर्फ एक बार ही इन्हे इंटरव्यू दिया है और उसी में उनकी हवा निकल गई थी।

4. बड़े-बड़े नेता भी इनके आगे नहीं टिक पाते

क़रण थापर इस देश के जाने-माने पत्रकार हैं। मीडिया में अपने लम्बे करियर में उन्होंने कई मीडिया चैनलों के साथ काम किया है। अब वह इंडिया टुडे ग्रुप के साथ जुड़े हुए हैं। करण थापर अपने बेबाक अंदाज़ में पूछे गए तीखे सवालों से बड़े-बड़े नेताओं की बोलती बंद कर देते हैं। अप्रैल 2014 में, करण थापर ने CNN-IBN को छोड़कर इंडिया टुडे जॉइन किया। वे इस वक़्त चैनल के नए शो टू द पॉइंट को होस्ट कर रहे हैं।

 

निष्कर्ष: करण थापर इंटरव्यू लेने के ख़ास तरीके के लिए जाने जाते हैं। इनके सामने पीएम मोदी भी नहीं टिक पाए। 3 मिनट के इंटरव्यू को वह बीच में ही छोड़कर चले गए थे।

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