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खुलासा: इस्लाम का मज़ाक बनाने पर लोगों ने जी न्यूज़ को जमकर धोया

वायरल इन इंडिया संवाददाता -
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आजतक आपने अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के धार्मिक स्थलों को हिन्दू धर्म से जोड़कर उन्हें निशाना बनाते कई दफ़ा देखा होगा, लेकिन अब जब सऊदी अरब में स्थित इस्लाम धर्म के सबसे पवित्र स्थल मक्का पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई वो भी देश के एक जाने-माने न्यूज़ चैनल के द्वारा तो आलोचना होना तो संभावित ही है.

1. मुस्लिमों की भावनाओं को हिंदू महासभा ने बनाया निशाना  

जी हाँ अभी तक आप हिन्दू बने बैठे ठेकेदारों को ही मक्का में शिव मंदिर बताकर मुस्लिमों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करते देखते आए होंगे लेकिन अब इसमें मीडिया भी पीछे नही है.

हाल ही में हिन्दू नववर्ष के मौके पर हिंदू महासभा द्वारा भड़काऊ कैलेंडर जारी करते हुए ताजमहल को तेजो महालय, मक्का को मक्केश्वर महादेव, कुतुबमीनार को विष्णु स्तंभ बताते हुए एक ख़ास साम्प्रदायिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कार्य किया.

2. जी न्यूज़ के वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश कुमार सिंह ने मक्का का बनाया मज़ाक  

इतना ही नहीं हद तो उस वक्त हो गई जब हिंदू महासभा के इन सभी बेतुके दावों को आधार मानकर जी न्यूज़ के वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश कुमार सिंह ने नेशनल टेलीविज़न पर ये दावा तक कर दिया कि..

“काबा एक शिव मंदिर था और जिस पत्थर को मुस्लिम चूमते है वो शिव मंदिर का पत्थर है.”

इतना ही नहीं इस बात का दावा करते हुए ज़ी न्यूज़ के पत्रकार ने ट्विट्टर पर ट्वीट करते हुए लोगों से भी सवाल किया कि..

“क्या मक्का में एक समय शिवमंदिर था? हिंदु महासभा के एक कैलेंडर के प्रकाशन के बाद इस पर नये सिरे से विवाद हो गया है.”

3. पवित्र काबा को बताया शिवलिंग

पत्रकार ने एक और ट्वीट करते हुए ये भी कहा कि..

“कभी मंदिर का हिस्सा रहे क़ाबा के काले पत्थर को हज के समय दुनिया भर से मक्का आने वाले करोड़ों मुसलमान क्यों चुंबन देते हैं, इसके बारे में भी लिखा है महापंडित राहुल सांस्कृत्यायन ने”

4. अटाला मस्जिद को लेकर भी की शर्मनाक टिप्पणी 

ज़ी न्यूज़ पत्रकार यही नहीं रुका इसके बाद उन्होंने अटाला मस्जिद का ज़िक्र किया और एक अन्य ट्वीट करते हुए सारी मरियादा तार-तार कर दी. इस ट्वीट में उन्होंने लिखा..

“अटाला मस्जिद अटाला देवी के मंदिर की जगह पर ही और मंदिर की ही ज़्यादातर सामग्री का इस्तेमाल कर जौनपुर के तत्कालीन शासक इब्राहिम शाह शर्की ने 1408 ईस्वी में इस बड़ी मस्जिद का निर्माण कराया, जो फ़िलहाल अटाला मस्जिद के तौर पर जानी जाती है. मशहूर इतिहासकार आर सी मजूमदार ने भी इसका ज़िक्र किया है.”

निष्कर्ष

वाकई जिस तरह देश में आज राजनितिक फ़ायदा उठाते हुए कुछ लोग देश को धर्म के नाम पर बाटने का अपराध कर रहे हैं. ऐसे में जब इस तरह से न्यूज़ चैनल के पढ़े-लिखे पत्रकार भी उन्हें श्रय देते दिखते हैं तो अफ़सोस होता है.

story source : https://exposekhabar.com/zee-news-propogating-false-notion-by-calling-medina-shiv-mandir/

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