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पहले चलता था टैक्सी लेकिन अब बन चूका है लन्दन शहर का….

साल 2016 में ब्रिटेन के एक मुस्लिम बस चालक का बेटा दुनियाभर की सुर्ख़ियों में रहा क्योंकि उस 45 वर्षीय मुस्लिम शख्स ने वो कर दिखाया जिसकी उमीद खुद ब्रिटेन की जनता ने भी नहीं की थी.

पाकिस्तानी ड्राईवर के बेटे ने रचा इतिहास

जी हाँ हम बात कर रहे हैं लंडन की सड़कों पर बस चलाने वाले पाकिस्तानी ड्राईवर के पुत्र सादिक खान की जिन्होंने लंदन के प्रथम मुस्लिम मेयर बनकर इतिहास रचा. बता दें कि, पाकिस्तानी मूल के इस मुस्लिम को कुल 57 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी जैक गोल्डस्मिथ को 43 प्रतिशत वोट मिले. खान को कुल 1,310,143 मत मिले, जो ब्रिटेन के इतिहास में किसी भी नेता को मिलने वाला सबसे बड़ा जनादेश था.

विदेश में पहला मुस्लिम मेयर बन रचा इतिहास

इसी के साथ 8 अक्टूबर को जन्में सादिक खान अब ब्रिटेन के मुख्य विपक्षी लेबर पार्टी के नेता होने के साथ साथ न केवल पहले मुस्लिम मेयर है बल्कि यूरोपियन यूनियन की किसी भी राजधानी के पहले मुस्लिम मेयर भी हैं.

कई सालों तक सांसद रह चुके हैं सादिक

बता दें कि सादिक खान ब्रिटेन मंत्रिमंडल की बैठक में शामिल होने वाले प्रथम मुसलमान नेता हैं, जो मानवाधिकार मामलों के वकील होने के साथ-साथ सांसद और पूर्व प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन सरकार में परिवहन मंत्री भी रह चुके हैं.

चंरमपंथ के खिलाफ है सादिक की लड़ाई

ब्रिटेन के पहले मुस्लिम मेयर बनने के साथ ही वो लंदन के तीसरे मेयर भी हैं. सादिक की इस कामियाबी के पीछे उनका खुद को ऐसा ब्रिटिश मुस्लिम मानना हैं जो चंरमपंथ के खिलाफ लड़ता आया है. वो करीब 8.6 मीलियन लोगों के ऐसे बहुसांस्कृतिक शहर के लोगों के बीच नेताओं द्वारा डराने और बंटवारे की राजनीति करने के खिलाफ़ आव़ाज उठाते आये हैं जिनकी आबादी 1 मिलियन से भी ज्यादा मुस्लिम हैं. शायद इसलिए ही ब्रिटेन का हर मुस्लिम आज भी उनपर विश्वास रखता है.

लाखों मुस्लिम ले रहे हैं प्रेरणा

सादिक खान आज दुनिया भर के करोड़ों मुसलमानों के लिए एक प्रेरणा बन चुके हैं जो हमेशा से मुसलमानों के हक़ के लिए लड़ते आये हैं. इसीलिए ही दुनिया का हर मुस्लिम न केवल उनके साथ खड़ा है बल्कि उनके जैसा बनने की तमन्ना भी रखता है.

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