विडियो: जानिये क्या होगा अगर सारे मुस्लिम देश एक जुट हो जाए!

पूरे विश्व में इन दिनों मुस्लिम्स को लेकर एक गलत विचारधारा फैलाई जा रही है जिसमे उन्हें आतंकवाद का जड माना जा रहा है | इसी के चलते कुछ देशो में मुस्लिम समुदाय पर अत्याचार भी पनप रहे है जैसे फिलिस्तीन, गाज़ा, अलीपो और म्यांमार | इन चारो देशो में मुस्लिमो का हालत काफी दयनीय है जो पूरे विश्व का ध्यान आकर्षित करती है |

असल में जिसे सब आतंकवाद की जड़ मान रहे है और हिंसा फैला रहे है वो लड़ाई तेल के खजानों को लेकर शुरू हुई थी | आतंक की आड में तेल के खजानों पर अपना कब्जा जमाना ही असल मुद्दा था जहा से ये सारी कवायद शुरू हुई | इस पर टर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगन ने एक ऐसी बात कही जिस पर मुस्लिम देशो को एक बार विचार ज़रूर करना चाहिए |

टर्की के राष्ट्रपति ने कहा सभी मुस्लिम देशो को एकजुट हो जाना चाहिए

टर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगन हाल ही में भारत आये थे जिसमे उन्होंने भारत के साथ कई समझौते भी किये | भारत दौरे के दौरान एर्दोगन जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी भी गये जहा उन्हें डॉक्टर ऑफ लेटर्ज़ की मानद डिग्री से सम्मानित किया गया था | उस दौरान एर्दोगन ने एक भाषण दिया और मुस्लिम देशो को एकजुट होने के लिए कहा |

एर्दोगन ने कहा है कि मुस्लिम देशों को आपसी गिले शिकवे दूर करके एकजुता दिखाना चाहिए। यह बात एर्दोगन ने कल जामिया मिल्लिया इस्लामिया में डॉक्टर ऑफ लेटर्ज़ की मानद डिग्री मिलने के बाद कही ,एर्दोगन ने कहा कि मुस्लिम देश एकजुट हो जाएं तो न केवल उनकी कई समस्यायें हल हो जाएंगी बल्कि आगे बढ़ने का मौका भी मिलेगा |

भाषण में महात्मा गांधी और भारतीय मुस्लिम्स को लेकर कही ये बाते

इस दौरान एर्दोगन ने खिलाफत आंदोलन का जिक्र करते हुए भारतीय मुसलमानों की भूमिका को सराहा और कहा कि खिलाफत आन्दोलन में भारतीय मुसलमानों ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर के नेतृत्व में भरपूर आवाज उठाई थी,उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी को याद करते हुए कहा कि खिलाफत आंदोलन उनकी अगुवाई में चलाया गया था और जामिया का भी इस आंदोलन से गहरा रिश्ता रहा है |

क्योंकि जामिया के संस्थापकों का संबंध खिलाफत आंदोलन से था। उन्होंने जामिया की स्थापना को खिलाफत आंदोलन की देन करार दिया, एर्दोगन ने सोमालिया के मामले में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की विफलता की ओर इशारा करते हुए कहा कि सुरक्षा परिषद समस्याओं को हल करने में विफल रही। इसी के साथ उन्होंने सुरक्षा परिषद के विस्तार पर भी जोर दिया |

टर्की की गलत छवी दिखाने के लिए एर्दोगन ने मीडिया को लताड़ा

उन्होंने कहा कि भारत के साथ तुर्की के आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। सुल्तान अब्दुल हमीद के ज़माने से तुर्की के साथ भारत के संबंध बहुत गहरे थे, उन्होंने विश्व मीडिया की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि वह तुर्की के खिलाफ हमेशा शत्रुतापूर्ण भूमिका निभाता रहा है और गढ़े व नकारात्मक बातों को दुनिया के सामने उछाला है|

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