सुप्रीम कोर्ट के जज ने RSS को लेकर किया बड़ा खुलासा, पढ़ें

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खुद को हिदुत्व का ठेकेदार मानाने वाला संगठन आरएसएस यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देश भर में अपनी संप्रदायक गतिविधियों के चलते अक्सर सुर्ख़ियों में रहता है. ये खुद को हिंदुत्व का पुरोधा बताता है जिसकी आड़ में ये देश में अराजकता का माहौल फैलाता रहा है.

1. RSS पर लगते रहे है मुस्लिम विरोधी आरोप

इस संगठन का सबसे बड़ा उद्देश्य देश में स्थापित सभी धर्मों के बीच भाईचारे की भावना को कुछ भी करके खत्म या हानी पहुँचाना है. जिसके लिए ये लोग हिन्दू और मुस्लिमों के बीच फूट डालने का काम करने से भी बाज़ नहीं आते है. ऐसे में इसी संबंध में हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के एक बड़े जज जस्टिस जीबी कोलसे ने अपनी राय देश के सामने रखते हुए आरएसएस को बड़ा झटका दे दिया.

2. जस्टिस ने आरएसएस को बताया देश का दुश्मन

जानकारी के लिए बता दें कि  हाल ही में स्टॉप पॉलिटिक्स ऑफ़ हेट नाम के एक कार्यक्रम में भाग लेते हुए जस्टिस जी कोलसे ने आरएसएस पर अपनी राय रखी, जिस दौरान उन्होंने आरएसएस को भारत का सबसे बड़ा दुश्मन तक करार दे दिया.

भाषण में आगे बोलते हुए और जस्टिस कोलसे ने आरएसएस को निशाना बनाते हुए देश से अपील कर कहा कि हमें वैचारिक तौर पर आरएसएस की इस दानवी विचारधारा को खत्म करना होगा.

3. आरएसएस को जड़ से खत्म करने की कही बात

समारोह में आगे बोलते हुए न्यायमूर्ति कोलसे ने कहा कि,

“हिंदुत्व सिर्फ ब्राह्मणवाद का नाम है और इस देश के असली दुश्मन ब्राह्मणवाद और पूजीवाद है. देश को बचाने के लिए आज लोगों को जरूरत है कि वो आरएसएस के खिलाफ लड़ें और मुस्लिमों की जो गलत छवि भगवावादी लोगों द्वारा इतिहास के नाम पर फैलाई जा रही है उसे खत्म किया जाए.”

4. रवि नाइर ने RSS को 2019 में सबक सिखाने की करी अपील

बता दें कि स्टॉप पॉलिटिक्स ऑफ़ हेट नाम के जिस कार्यक्रम में न्यायमूर्ति कोलसे ने आरएसएस को जमकर कोसा उसी समारोह में SAHRDC के डायरेक्टर रवि नाइर भी मौजूद थे. उन्होंने भी आरएसएस के बारे में बोलते हुए कहा कि,

“आरएसएस अफवाह फ़ैलाने वाले ऐसे लोगों का समूह है जो बिना अफवाह के जीवित ही नहीं रह सकता है. हमें 2019 में इन्हें वापस नागपुर भेजने की तैयारी करनी चाहिए।” 

5. वामन मेश्राम ने भी रखी अपनी राय

सभा में मौजूद बामसेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वामन मेश्राम की ओर से भी जनता को सम्बोधित करते हुए आरएसएस पर तीखे बाण चलाए गए. उन्होंने कहा कि ,

“अगर आप सोचते हैं कि सिर्फ आरएसएस ही ऐसी दानवी विचारधारा वाला है तो आप गलत हैं. कई दूसरी पार्टियों ने भी  मुस्लिमों, दलितों,आदिवासियों और जनजातियों के साथ न्याय नहीं किया।”

-निष्कर्ष

गौरतलब है कि देश के अलग-अलग प्रांत से आये बहुत से विचारकों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जिसमें उन्होंने एक सुर में देश की गंभीर हाले स्तिथि पर अपनी राय रखते हुए आरएसएस पर निशाना साधा। इस सभा में यास्मिन फारूकी, शैयद सर्वर चिस्ती, राघवन श्रीनिवासन जैसे लोग भी मौजूद थे जिन्होंने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी. जिसके बाद अब हर जगह आरएसएस की आलोचना हो रही है.

story source : https://selfistani.blogspot.com/2017/08/rss-rss.html


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