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देश के इतिहास को देखा जाए तो इसकी पूरी जमीन व हर पन्ना इस धरती में जन्म लेने वाले शूरवीरों से भरा हुआ है। भारत की इस धरती ने कई महान योध्दाओं को अमर बनाया है।

यही वजह है कि भारतीय इतिहास के एक एक पन्ने को पलटा जाए तो हर एक पन्ने के जरीये एक वीर योध्दा की कहानी हमारे सामने आती है। यहां जाति और धर्म से ऊपर उठ कर हर एक भारतीय ने भारत मां की हिफाजत के लिए अपनी कुर्बानी दी है।

इतिहास का वीर योध्दा टीपू सुल्तान

इन वीर योध्दाओं में से एक थे टीपू सुल्तान जिनकी चर्चा आजकल सोशल मीडिया में एक वीडियो के जरीये काफी की जा रही है। वीडियो में टीपू सुल्तान के जीवन से जुड़ी कुछ बातों के बारे में बताया जा रहा है।

साथ ही इसमें टीपू सुल्तान के जीवन से जुड़ी एक बेहद दिलचस्प बात बताई गई है कि टीपू सुल्तान एक पंचगाना नमाजी थे। अपने दिनभर की नमाज में उनकी कभी कज़ा (नमाज छूट जाना) नहीं रही।

नई मस्जिद की इमामत के लिए उत्साद की शर्त

एक समय में जब टीपू ने मस्जिदे काला का निर्माण करवाया था तो उस दौरान उनके उस्ताद ने यह शर्त रखी कि इस मस्जिद में पहली इमामत वही शख्स करेगा जिसने अपनी पूरी जिंदगी में एक भी तहज्जुद (रात की आखिरी नमाज) नमाज भी कभी कज़ा न की हो। जिसके बाद कोई भी ऐसा शख्स मौजूद नहीं था जो इमामत के लिए आगे सके।

जब कोई नहीं आया तब टीपू सुल्तान आये आगे

उस्ताद की इस शर्त के बाद जब कोई आगे नहीं आया तो टीपू सुल्तान ही आगे आये और उन्होंने नमाज पढ़ाई। जिसके बाद टीपू ने अपने उस्ताद से कहा, कि ‘आपने मेरा यह राज खोल दिया।‘

इन सबके बाद भी हमने देखा है कि टीपू सुल्तान को लेकर कई लोग हैं जो नफरत फैलाने की कोशिश करते हैं। लेकिन टीपू सुल्तान की जिंदगी से जुड़ी कुछ इन बातों की वजह से लोगों को हमेशा उनके बारे में जानने के लिए दिलचस्पी रही है। इन कहानियों के जरीये ही लोगों ने टीपू सुल्तान की जिंदगी को करीबी से जाना।

इतिहास में टीपू सुल्तान का अहम योगदान

आपको बता दें कि टीपू सुल्तान अकेले देश के एक ऐसे शासक थे जिन्होंने अंग्रेजों से लड़ते हुए अपनी जान गवांई। उन्होंने देश की आजादी के लिए अपना खास योगदान दिया। इतिहास भी इस बात का गवाह है कि टीपू सुल्तान ने ही अंग्रेजों के खिलाफ सबसे पहले जंग का ऐलान किया था।

Story Source : http://buzzy-feed.com/tipu-sultan-or-fazar-ki-namaj/

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