जंगल राज – अखिलेश के इस नेता की नृशंस हत्या, शरीर से गर्ददन की अलग, देखें तस्वीरें

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में अपराध रोकने के दावे तो बड़े बड़े करते हैं लेकिन वास्तविकता में सारे दावे खोखले होते नजर आ रहे है। सूबे में जंगल राज प्रदेश को अपनी आगोश में लेता जा रहा है, तो वहीं मुखिया प्रदेश संभालने की बजाय दूसरे राज्यों में चुनाव प्रचार करने और पूरे प्रदेश का भगवाकरण करने में व्यस्त हैं तो वहीं अपराधी जनता का कत्लेआम करते जा रहे हैं।

सपा नेता की हत्या

ऐसा ही कुछ हुआ आजमगढ़ जिले के अकबेलपुर गांव निवासी सपा नेता राजबहादुर यादव की मंगलवार सुबह बेरहमी से हत्या कर दी गई। सपा नेता की नृशंस हत्या की सूचना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सुबह की सैर पर निकले सपा नेता का शव घर से 200 मीटर दूर मिला। शव की हालत देख लोगों की रुह कांप गई।

गर्दन धर से अलग

धारदार हथियार से गर्दन को धड़ से अलग कर हत्या की गई थी। वो सुबह टहलने के लिए घर से निकले थे। काफी देर होने पर परिवार के लोग खोजते हुए पहुंचे तो घटना की जानकारी मिली। पार्टी के कार्यकर्ता की हत्या होने से सपाइयों का मौके पर जमावड़ा लगा रहा। जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की गई। राजबहादुर यादव के छोटे भाई उमाकांत यादव ने गांव के पांच लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है।

पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। पांच भाइयों में सबसे बड़े राजबहादुर यादव समाजवादी पार्टी के सेक्टर प्रभारी थे। वो अपने गांव अकबेलपुर के प्रधानी का चुनाव लड़े थे, लेकिन हार गए थे।

राजबहादुर के तीन बेटें और तीन बेटियों है। मंगलवार की सुबह 7 बजे घने कोहरे के बीच राजबहादुर हर रोज की तरह अकेले ही घर से टहलने के लिए निकले थे लेकिन घर वापिस नहीं लौटे। काफी देर होने पर परिवार के लोग उन्हें खोजने के लिए निकले। इस दौरान घर से करीब दो सौ मीटर दूर स्थित इंटर कालेज के पास उनकी लाश पड़ी थी। हत्यारोपी राजबहादुर का गर्दन धारदार हथियार से उनके धड़ से अलग कर दिया था। जमीन पर राजबहादुर का खून से सना धड़ और बगल में गर्दन पड़ी हुई थी।

जमीन का विवाद होने की आशंका

सूचना मिलने पर अतरौलिया थाना के प्रभारी शिशिर त्रिवेदी पहुंचे। पार्टी के नेता की हत्या की जानकारी होने पर काफी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता जुट गए। लोगों ने जल्द से जल्द हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। ऐसा बताया जा रहा है कि सपा नेता की हत्या जमीन के विवाद में हुई है।

उनके गांव के कुछ लोगों से जमीन का विवाद चल रहा था। इसको लेकर कई बार पंचायत भी आयोजित की गई, लेकिन कोई हल नहीं निकला था। पुलिस ने राजबहादुर के भाई उमाशंकर से तहरीर लेकर गांव के पांच लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली है और लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।


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