वो विदेशी है पर भारतीय नारी का धर्म निभा रही है तुम देशी हो और पत्नी विधवा का जीवन जीने को मजबूर है !

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याद होगा किस तरह भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ चीख चीख कर कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के विदेशी मूल की बात कह कर विरोध करता था. देश भर में सोनिया जी को विदेशी और देश विरोधी कहकर प्रचारित किया जाता था.

लोकतंत्र में जनता मालिक है. संघियों के इस दुष्प्रचार को देश की जनता ने खारिज किया और शाइनिंग इंडिया के जहाज पर सवार अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार को जमीन पर पटक दिया.

1. भारतीय नारी का धर्म निभाकर उदाहरण प्रस्तुत किया

राजीव गांधी और सोनिया गांधी की शादी 1968 में हुई. 1984 में अपनी आंखों के सामने सास इंदिरा गांधी की शहादत देखी और 1991 में राजीव गांधी शहीद हो गए. इसके बाद भी सोनिया जी ने भारत छोड़ किसी दूसरे देश का रुख नहीं किया. उन्होंने अपने बच्चों राहुल और प्रियंका में भी विशु़द्ध भारतीय संस्कार भरे.

एक पीएम मोदी है जो खुद के कट्टर राष्ट्रवादी होने का नगाड़ा बजाते हैं और अपनी पत्नी को जीवन भर के लिए तड़पता हुआ छोड़कर ऐशो आराम की जिंदगी जी रहे हैं.

2. धर्म पर प्रवचन बांचने और निभाने में काफी अंतर

मोदी बताते हैं कि उनकी शादी बचपन में हीं कर दी गई थी. अरे, मोदीजी, भारतीय संस्कृति क्या कहती है ? जब अग्नि के समक्ष सात फेरे हो गए तो वो आपकी अर्धांगिनी हो गई. यहां तो सात जन्म की बात कही जाती है और आप दुम दबाकर भाग निकलें ?

सोनिया जी जब विधवा हुई और परिवार में मौत का तांडव देखा तो अपने बच्चों को लेकर विदेश जा सकती थीं. पर उन्होंने ऐसा नहीं किया. उन्होंने हालातों से लड़ाई लड़ी और आज भी भारतीय परंपरा का निर्वहन कर रहीं हैं.

निष्कर्ष : गांधी नेहरु परिवार के डीएनए में भारतीयता है. इसके लिए उन्हें किसी से प्रमाण पत्र लेने की जरुरत नहीं है.


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