General

मुस्लिम शायरों ने अपने शायराना अंदाज में कुछ इस तरह बताई इस्लाम की परिभाषा

एक प्रतिनिधि, बक्सर के सोहनीपट्टी इमामबाड़े में कुछ महीने पहले एक रात गौस-ए-आजम कांफ्रेंस का आयोजन किया गया था. जिसमें शिरकत करने वालें कई शायरों की शायरियाँ अब हर किसी की जुबाँ पर छाई हुई हैं.

शायरों ने शायराना अंदाज से इस रात को बनाया बेहद ख़ास

यूँ तो ऐसे सम्मेलन आए दिन होते रहते हैं लेकिन नूर और निकहत में डूबी इस शाम में ख़ास था कि इसमें देश के कोने-कोने से आये एक से एक उम्दा शायरों ने अपने शायराना अंदाज से यहाँ चार चांद लगा दिए.

“अच्छाई और सच्चाई की राह दिखाने का नाम ही इस्लाम है”

इससे पूर्व, इस सम्मलेन की अध्यक्षता करते हुए जनाब मौलाना इमरान शमशी ने जब अपने शायराना अंदाज से इस्लाम की परिभाषा अपने शब्दों में बताते हुए कहा कि “अच्छाई और सच्चाई की राह दिखाने का नाम ही इस्लाम है” तो मानो पूरा कार्यक्रम तालियों की गडगडाहट से गूंज उठा.

“इस्लाम लोगों को बुराई से अच्छाई की ओर ले जाता है”

इसके साथ ही पूर्णिया से आये मौलाना शहरयार खां ने अपने मायनों में इस्लाम की परिभाषा बताते हुए कहा कि “इस्लाम लोगों को बुराई से अच्छाई की ओर ले जाता है.”

एक-एक शब्दों पर लोग रातभर करते रहे वाह-वाह! 

इस ख़ास अवसर पर झारखंड से आये शायर हबीबुल्लाह फैजी व शोहराब कादरी जब जब कुछ बोलते तो वहां मौजूद लोग मानो उनके एक-एक अल्फाज पर रातभर वाह-वाह करते नहीं थक रहे थे.

शायराना अंदाज में की धर्म समाज और अभी की हालिया स्थिति की व्याख्या

इस कार्यक्रम में ख़ास था कि यहाँ देश के कई हिस्सों से आये बड़े-बड़े शायरों ने अपने खास अंदाज में धर्म समाज और अभी की हालिया स्थिति की व्याख्या अपने अंदाज में काफ़ी शानदार तरीके से लोगों के सामने की.

इन जाने-माने चहरों ने सम्मलेन में फूंकी जान

इस कांफ्रेंस के सफल आयोजन में जमील अहमद राजू, मो.एजाज, सलीम राइन, मो.अकरम, मो.इस्तयाक, फैज अली, गुलाम सरवर, सोनू इरफान, मो.शहबाज, मो.ताहिर, साजिद हुसैन, अनवर व मो.किट्टू की सराहनीय व अहम भूमिका रही.

नयी खबर पढने के लिए अगले अगले पेज पे जाएँ

अपनी प्रतिक्रिया नीचे कमेंट में छोड़े