कभी भगवान के बाद इस आदमी के नाम से भी कांपते थे बड़े-बड़े नेता, अब ऐसे ज़िन्दगी बिताने को हैं मजबूर - वायरल इन इंडिया - Viral in India - NEWS, POLITICS, NARENDRA MODI

कभी भगवान के बाद इस आदमी के नाम से भी कांपते थे बड़े-बड़े नेता, अब ऐसे ज़िन्दगी बिताने को हैं मजबूर

राजनीति के छोटे बड़े सभी खिलाड़ियों में से शायद ही कोई ऐसा होगा जिसे टीएन शेषन जी के बारे में न पता हो. जी हाँ, आपने सही सुना वही टीएन शेषन जिनसे एक समय देश के बड़े-बड़े नेता भी खौफ खाते थे. उस समय ये माना जाता था कि लोगों के अन्दर भगवान के बाद अगर किसी का डर था तो वो टीएन शेषन ही थे,

लेकिन राजनीति के उस वक्त के महानायक को शायद ही कोई जनता हो कि अब वो कहाँ और किस हालत में हैं? तो आइए आज हम आपको इसी बारे में खुलासा करते हुए बताते है कि राजनीति की उथल-पथल में किस बदहाली में अपनी ज़िन्दगी गुज़र-बसर करने को मजबूर हैं टीएन शेषन जी.

source

सदी का महानायक आज ऐसे जी रहा है अपनी बदहाली भरी जिन्दगी

हाल ही कि एक खबर की माने तो देश में चुनाव आयोग की हनक कायम करने वाले पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन आज उम्र के ऐसे पढाव में पहुँच चुके हैं जहाँ वो अपना बेहद ही दुखभरा जीवन जीने को मजबूर हैं. आज टीएन शेषन अपनी जिन्दगी गुमनामी के अँधेरे में एक वृद्धाश्रम में कट रहे हैं. टीएन शेषन के जानकारों की माने तो एक समय वो भी था जब देश में आयोग का रुतबा इस कदर कायम हो गया था कि 90 के दशक में ये माना जाने लगा था कि, “भारत के नेता या तो खुदा से डरते हैं या फिर टीएन शेषन से.”

source

बूथ कैप्चरिंग रोकने के लिए शेषन ने ही उठाए थे सख्त कदम

साल 1990 वो वक्त था जब 1955 बैच के आईएएस टॉपर रहे टीएन शेषन ने देश के मुख्य चुनाव आयुक्त का पदभार संभाला था. ये वक्त इसलिए भी याद किया जाता है क्योंकि उस वक़्त देश के हालत बहुत ही ज्यादा ख़राब थी. आए दिन बिहार जैसे बड़े राज्यों में चुनावों के दौरान बूथ कैप्चरिंग की समस्याएँ भी सामने आती रहती थी.
उस समय टीएन शेषन द्वारा लिए गये कठोर कदम बेहद मददगार साबित हुए थे. बता दें कि बूथ कैप्चरिंग जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए पहली बार उन्होंने ही देश में केंद्रीय सुरक्षा बलों की निगरानी में चुनाव कराने का निर्णय लिया था.

सदमे के चलते हुए शॉट टर्म मेमोरी के शिकार

इन दिनों मीडिया में टीएन शेषन जी को लेकर कई चौकाने वाली खबरे सामने आई है. कहा जा रहा है कि देश में होने वाले चुनावों में पारदर्शिता लाने वाले टीएन शेषन जी आज अपनी भूलने की बीमारी से ग्रस्त हैं. उनकी बिगड़ती स्तिथि का अंदाजा इसी से लगा सकते है कि वो स्वस्थ महसूस करने पर कभी अपने घर आ जाते हैं तो कभी 50 किलोमीटर दूर एक वृद्धाश्रम में रहने के लिए चले जाते हैं.

Leesha Senior Reporter

यह खबर वायरल इन इंडिया के वरिष्ट पत्रकार के द्वारा लिखी गयी है| खबर में कोई त्रुटी होने पर हमें मेल के द्वारा संपर्क करें- [email protected] आप हमें इस फॉर्म से भी संपर्क कर सकते हैं, 2 घंटे में रिप्लाई दिया जायेगा |
Close