सऊदी अरब में बिगड़ रहे हैं हालात, आने वाले समय में हो सकती है आर्थिक तंगी, पढ़े पूरी जानकारी

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सऊदी अरब के बारे में तो हम सभी ने सुना है, जब भी इस देश की बात आती है तो दौलत शौहरत की बातें तो यकीनन हमारे जहन में आता ही है। ऐसा हो भी क्यों न, आखिर सऊदी अरब देश अपनी इन्ही खूबियों के लिए पहचाना जाता है।

इसके साथ ही सऊदी में ऐसे कई लोगों के बारे में आपने अक्सर सुना होगा जो कि अपने बेशुमार दौलत व शानो-शौकत के लिए जाने जाते हैं।

 

इसके साथ ही सऊदी अरब में इस्लाम का सबसे पवित्र स्थल माना जाने वाले मक्का व मदीना भी मौजूद है।

जिसके लिए हर साल सऊदी अरब में लाखों लोग यात्रा करते हैं।

सऊदी अरब में लोगों की खास दिलचस्पी की वजह

इस्लाम को मानने वाले हर एक शख्स की यही ख्वाहिश होती है कि वह अपनी जिंदगी में एक बार कम से कम मक्का व मदीना की यात्रा कर ले।

इन सबके बीच सऊदी अरब से जुड़ी एक बेहद खास और हैरान कर देने वाली खबर आ रही है।

आपको बता दें, फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक सऊदी अरब में घरेलू संकट से जूझ रहा है।

अपने घरेलू संकट में सुधार लाने के लिए खास अभियान के जरीये प्रेरित करने के लिए क्राउन प्रिन्स मोहम्मद बिन सलमान ने शुरुआत की है।

क्राउन प्रिंस सलमान के विजन 2030 की योजना में सऊदी की अर्थव्यवस्था को दबाने में लगा है।

इनमें खास कारणों की बात करें तो इनमें से एक ने बिन सलमान को सऊदी को एक नई दिशा में चलाने की इजाजत दी थी, जो अमेरिका के शेल गैस में तेजी थी।

विश्व तेल बाजार में नए नए विचारों ने पारंपरिक तेल उत्पादक देशों के लिए एक बड़ी चुनौती पैदा की और सऊदी को अपनी तेल पर निर्भर होने के विक्लप के लिए भी दूसरे समाधान ढूंढने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

प्रवसियों को देश से निकाला जाना

2014 के बाद से तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज हुई है।

प्रमुख तेल उत्पादकों की बात करें तो उत्पादन में कमी के चलते ही यह गिरावट होने का दावा किया गया है।

अब सऊदी अरब के तेल पर निर्भर होने का धीरे धीरे खत्म होने लगी है, इसलिए सऊदी को अपनी अर्थव्यवस्था में गिरवाट आने का डर सता रहा है।

मिडिल ईस्ट मॉनिटर के मुताबिक, बिन सलमान ने आर्थिक संकट के डर की वजह से विजन 2030 चलाया है जिसका मकसद ज्यादा से ज्यादा सऊदी महिला और पुरुषों को नौकरी देना है।

सऊदी के सभी क्षेत्रों से प्रवासियों को निकाल कर अब सिर्फ सऊदी नागरिकों को ही काम दिया जाएगा ताकि सऊदी की तेल पर निर्भरता ना रह सके और सऊदी के नागरिक हर क्षेत्र में काम करने में सक्षम हो सकें।

यही वजह है कि सऊदी नागरिकों को हर क्षेत्र में काम करने के लिए ट्रेनिंग दी जा रहीं है।


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