राम मंदिर निर्माण रथयात्रा के तमिलनाडु पहुंचने पर रजनीकांत ने दिया बड़ा बयान

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अयोध्या मामले में राम मंदिर या बाबरी मस्जिद के निर्माण को लेकर फ़ैसला यूँ तो सुप्रीमकोर्ट को लेना है लेकिन सालों से कई धर्म के ठेकेदार बने बैठे कुछ संगठन इस मामले में अपनी नापाक हरकतों से बाज आते नहीं दिख रहे हैं.

1. राम मंदिर निर्माण को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने निकाली अपनी रथयात्रा

ऐसे में अब विश्व हिंदू परिषद (VHP) अपनी रामराज्य रथयात्रा लेकर बीते मंगलवार को राजनीतिक दलों के एक धड़े द्वारा विरोध के बावजूद तमिलनाडु पहुंची.

VHP की इस यात्रा का उद्देश्य अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए समर्थन जुटाना है.

2. यात्रा का विरोध करने पर विभिन्न दलों के नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया

इस रथयात्रा को लेकर पुलिस ने कहा कि..

“यात्रा रोकने की कोशिश करने पर केरल-तमिलनाडु सीमा पर स्थित कोट्टाईवासल की तरफ जाने पर वीसीके तिरूमवालवन और एमएमके के जवाहिरूल्ला सहित विभिन्न दलों के नेताओं को गिरफ्तार किया गया.”

3. नेताओं ने यात्रा को तमिलनाडु में प्रवेश न दिए जाने को लेकर की थी सरकार से मांग 

कई नेताओं ने इस यात्रा से पहले ही राज्य में शांति और सांप्रदायिक सौहार्द्र बना रहने के लिए विधानसभा में सरकार से ये मांग की थी कि राम रथयात्रा को तमिलनाडु में प्रवेश न करने दिया जाए.

लेकिन जब ईके पलानिसामी सरकार ने इस मांग पर ध्यान नहीं दिया तो विपक्ष के कुछ अन्य सदस्यों के साथ कई नेता विधानसभा से वॉकआउट कर गए.

इसके बाद इस यात्रा को लेकर पलानिसामी सरकार के ख़िलाफ़ विधानसभा के बाहर सभी नाराज़ नेताओं ने प्रदर्शन और नारेबाज़ी शुरू कर दी. जिसके चलते पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.

4. अयोध्या से शुरू हुई थी ये विवादित रथयात्रा

जानकारी के लिए बता दें कि यह रथयात्रा 13 फरवरी को अयोध्या से शुरू हुई थी. जो 25 मार्च को कन्याकुमारी में खत्म होगी और बाद में कन्याकुमारी से कश्मीर के लिए रवाना होगी.

5. यात्रा के रास्ते में तैनात किये गये बड़ी संख्या में जवान

राम मंदिर की मांग कर रही इस रथयात्रा पर बोलते हुए पुलिस ने कहा कि..

“किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए जिले में निषेधाज्ञा लागू की गई है और यात्रा के रास्ते में पर्याप्त संख्या में जवान तैनात किए गए हैं.”

इसके अलावा रास्ते में बड़ी संख्या में लोगों ने इस यात्रा का स्वागत किया. पुलिस द्वारा भी इस यात्रा पर बेहद करीब से नजर रखी जा रही है.

6. रामेश्वरम से अपने अगले पड़ाव पर पहुंचेगी यात्रा  

बता दें कि ये यात्रा 22 मार्च को रामेश्वरम से आगे के लिए रवाना होगी और तूतीकोरिन, तिरूनेलवेली और कन्याकुमारी सहित अन्य जिलों से होते हुए अगले दिन तिरूवनंतपुरम पहुंचेगी.

7. यात्रा पर रजनीकांत का बयान

हाल ही में राजनीति में अपनी किस्मत आज़माने उतरे रजनीकांत ने भी इस यात्रा को लेकर कहा,

“तमिलनाडु एक सेक्युलर राज्य है. मुझे पूरा विश्वास है कि पुलिस सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने में कामयाब होगी.”

8. तमिलनाडु में हो रहा है यात्रा का विरोध

गौरतलब है कि तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी और दूसरे कई बड़े मुस्लिम संगठन ने भी इस रथयात्रा का कड़ा विरोध किया है.

विरोध करते हुए डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने विधानसभा में अपनी बात रखते हुए कहा कि

“इस यात्रा से सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ेगा और राज्य की शांति को खतरा पहुंचेगा.”

निष्कर्ष

यूँ तो अयोध्या मामला सुप्रीमकोर्ट में हैं लेकिन जिस तरह समय-समय पर कई संगठन अपनी हरकतों का नमूना दिखाते हुए खुद इस मामले में विवादित बयान और रथयात्रा जैसे कार्य कर रहे हैं उससे न केवल देश में अहिंसा बढ़ने का खतरा बढ़ रहा है बल्कि देश में साम्प्रदायिक तनाव भी देखने को मिल सकता है.


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