आपकी मोटरसाइकिल 50 का एवरेज देती होगी लेकिन कभी सोचा है ट्रेन कितने का एवरेज देती है?

हम सब ये बात भलीभांति समझते है कि भारतीय रेल गाड़ी बहुत ही कम पैसों में हमे हमारी मंजिल तक सालों से पहुंचाती आ रही है. इतना ही नहीं रेल में कई सुविधाओं के साथ आसानी से सीट मिलने की वजह से भी देश की एक बड़ी आबादी ट्रेन का ही सफ़र करती है.

लेकिन कभी ट्रेन की यात्रा करते वक्त किसी ने ये सोचा कि ट्रेन एक लीटर तेल में कितने किलोमीटर का सफ़र तय करती है? या एक ट्रैन का एवरेज कितना होता हैं.?

एक लीटर तेल में एक ट्रेन देती है इतना एवरेज

ये प्रशन यूँ तो बेहद आम हैं क्योंकि जब भी हम अपनी बाइक या कार चलाते हैं तो उस दौरान हमे अपनी गाड़ी की एवरेज की सबसे ज्यादा टेंशन होती है. उस वक्त हमारी नजरे पेट्रोल के काटे पर ही रहती हैं.

लेकिन जब बात भारतीय ट्रेन की आती है तो हर कोई जानना चाहता है कि आखिर ट्रैन एक किलोमीटर चलने के कितने रुपए लेती हैं..?

इस उत्तर का जवाब मिलना यूँ तो बेहद मुश्किल हैं कि ट्रैन एक किलोमीटर में कितना एवरेज देती है, लेकिन हमने जब इसका उत्तर ढूढना चाहा तो हकीकत बेहद हैरान करने वाली सामने आई.

जब एक यात्री ने ट्रेन के लोको पायलट से पूछी ट्रेन से जुड़ी ये बात

दरअसल, राजन प्रधान नाम के एक जानकार ने इसके बारे में जवाब देते हुए कहा कि..

“रात को जब मैं औरंगाबाद के स्टेशन पर था और ट्रेन का इंतज़ार कर रहा था. वहां मैनें देखा कि ट्रेन का ड्राइवर ट्रेन स्टेशन पर रोककर इंजन को चालू छोड़कर चाय-नाश्ता करने चला गया. तब मेरे मन में सवाल आया कि क्या खड़ी ट्रेन में डीजल की खपत नहीं होती? और इंजन हमेशा चालू रहते हुए वो कितना एवरेज देता है.?”

व्यक्ति ने आगे बताते हुए लिखा कि…

“मैं जिस नाश्ते के स्टॉल पर खड़ा था ट्रेन का लोको पायलट भी उसी स्टॉल पर नाश्ता करने आया और फिर मैने उससे पूछा कि आप इंजन को चालू ही छोड़कर क्यों आ गए, क्या उसमें डीजल नहीं लगता? लोको पायलट का नाम पवन कुमार था और वो ग्वालियर से था.”

बंद ट्रेन के इंजन को शुरू करने में इतने लीटर तेल की होती है खपत 

शख्स के पूछने पर लोको पायलट पवन कुमार ने बताया कि..

“इंजन को बंद करना तो बहुत आसान हैं लेकिन इसे वापस स्टार्ट करने में कम से कम 25 लीटर डीजल इस्तमाल हो जाता हैं. इसके अलावा दूसरी तरफ वाले इंजन को चालु करने में करीब 15 लीटर डीजल इस्तमाल हो जाता हैं इस वजह से बेहतर ये ही होता हैं की इंजन को चालु ही रखा जाए.”

पैसेंजर ट्रेन के मुकाबले एक्सप्रेस ट्रेन कम तेल में ज्यादा दूरी कर सकती है तय 

इसके अलावा अगर अब भी आप सोच रहे हैं कि भारतीय रेलगाड़ी का इंजन कितना एवरेज देता हैं. तो आज हम आपको इस जानकारी से भी अवगत कराएंगे.

जानकारी के लिए बता दें कि यदि कोई 12 डिब्बों की पैसेंजर ट्रेन है तो उसमें भी 1 किलोमीटर का एवरेज करीब 6 लीटर डीजल में ही आयेगा क्योंकि पैसेंजर गाड़ी हर स्टेशन पर रूकती है, जिस वजह से इसके ब्रेक लगने और स्पीड बढ़ाने में ज्यादा डीजल खर्च होता हैं.

वहीं अगर एक्सप्रेस ट्रेनों की बात करे तो उनमें भी एक ट्रेन लगभग 4.50 लीटर में 1 किलोमीटर की दूरी तय कर पाती है, क्योंकि एक्सप्रेस ट्रेन, पैसेंजर ट्रेन की तुलना में बहुत कम जगह रुकती है.

निष्कर्ष

चुकी आज देश के पास नई-नई टेक्नोलॉजी आ गई है तो उससे अब भारतीय रेलवे ने भी धीरे धीरे डीजल इंजनो को हटाकर उनकी जगह बिजली से चलने वाले इंजनों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है.

और यदि भारतीय रेलवे अपनी सभी ट्रेनों के इंजनों को पूरी तरह से बिजली से चलने वाले इंजनों से बदल दें तो इससे डीजल की खपत से हो रहे नुकसान से भी काफी हद तक बचा जा सकता है.

 

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Leesha Senior Reporter

यह खबर वायरल इन इंडिया के वरिष्ट पत्रकार के द्वारा लिखी गयी है| खबर में कोई त्रुटी होने पर हमें मेल के द्वारा संपर्क करें- [email protected] आप हमें इस फॉर्म से भी संपर्क कर सकते हैं, 2 घंटे में रिप्लाई दिया जायेगा |
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